छात्र नई उन्नत तकनीकों को सीखें: नायडू

भुवनेर।  उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने छात्रों से आग्रह किया  है कि उन्हें  नई  तकनीक के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए  नए कौशल सीखने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए।
      श्री नायडू ने यहां केआईआईटी विविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह में आज  कहा कि छाों को नए कौशल सीखने की आदत डालनी चाहिये और नया ज्ञान अर्जित करना चाहिये। उन्होंने कहा कि यह जीवन की सफलता की कुंजी है और आज अर्थव्यवस्था के लिए ज्ञान बहुत महत्वपूर्ण है।
       उपराष्ट्रपति ने छात्रों को सलाह दी कि उन्हें अपने गुरुजनों का आभारी होना चाहिये और उन्हें अपनी माता, मातृभाषा और मातृभूमि को नहीं भूलना चाहिये। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी, हिन्दी और फ्रेंच भाषा को सीखने में कोई बुराई नहीं लेकिन छाों को अपनी मातृभाषा में भी प्रवीण होना चाहिये क्योंकि यह भाषा उनकी आत्मा है।       
        श्री नायडू ने कहा कि दीक्षांत समारोह  उत्सव और सम्मान तथा भविष्य के लिए तत्पर रहने का अवसर है। उन्होंने छात्रों को तेजी से बदलते हुए काम के माहौल के अनुकूल ढ़लने और चु¨नदा क्षेाों में सर्वश्रेष्ठ देने के प्रयास करने की सलाह दी। 
       उन्होंने कहा अब हम उदारीकरण, निजीकरण और वैीकरण (एलपीजी) युग में जी रहे हैं। इस वजह से छाों को अपने कौशल में  सुधार करना चाहिए अन्यथा वे प्रतियोगिताओं का सामना नहीं कर सकेंगे।  विविद्यालय ने जीवन के विभिन्न क्षेाों में योगदान देने वाले तीन प्रतिष्ठित व्यक्तियों  को डी लिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया। ये पद्म विभूषण शिल्पी गुरु डॉ. रघुनाथ महापात्र ,प्रख्यात मूतिकार, डॉ. बिठल दास मुंध्रा  सिम्पलेक्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के मानद अध्यक्ष और भरतिया चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष किशनलाल अग्रवाल हैं।
        इस मौके पर केआईआईटी चांसलर डॉ. सुब्रत कुमार आचार्य ने कहा कि विविद्यालय अनुकरणीय दृष्टिकोण और प्रो. अच्युता समंता के कुछ कर गुजरने के जनून का परिणाम है। जो शिक्षा के माध्यम से गरीबी उन्मूलन और कला की देन के सिद्धांत पर विश्वास रखते हैं