शिक्षा के क्षेत्र में नये प्रयोग करने को तैयार : नीतीश


पटना । बिहार के मुख्यमंी नीतीश कुमार ने आज कहा कि प्राकृतिक तरीके से ही बच्चों को शिक्षित कर उनके अंदर की प्रतिभा को उभारा जा सकता है और इसके लिए सरकार नये प्रयोग करने को तैयार है।
         मुख्यमंी ने देश के प्रथम शिक्षा मंी मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस के मौके पर वर्ष 2007 से ही मनाये जा रहे शिक्षा दिवस समारोह का श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में उद्घाटन करने के बाद कहा कि शिक्षा के प्रसार के लिए प्राकृतिक तरीके को अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने इस मौके पर प्रख्यात शिक्षाविद् और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई0आई0टी0) कानपुर में भौतिकशास के प्रो0 हरीश चंद्र वर्मा को वर्ष 2017 का मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया और कहा कि प्रो0 वर्मा कानपुर में शिक्षा का एक मॉडल बनाकर स्कूल चला रहे हैं। वे बिहार के हैं और यहां भी एक मॉडल बनाकर स्कूल चलायें तो उसमें राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। 
       श्री कुमार ने कहा कि जैसा कि प्रो0 वर्मा ने विस्तार से बताया है कि क्लास में सिर्फ पढ़ा देने से बच्चों को जानकारी मिल जाती है लेकिन उसके अंदर की प्रतिभा सामने नहीं आ पाती है। उन्होंने कहा कि हमें प्रकृति के बनाए रास्ते पर ही चलना चाहिए। आज दुनिया भर में प्रकृति के साथ छेड़छाड़ के दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। पूरी दिल्ली स्मॉग से परेशान है। मनुष्य को इस बात का भ्रम हो गया है कि प्रकृति पर हम काबू पा लेंगे, यह संभव नहीं है। हमारा हमेशा से मानना है कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए बल्कि प्रकृति के अनुरुप ही चलना चाहिए।