एनएलआईयू डायरेक्टर के खिलाफ छात्र-छात्राओं का आंदोलन 
 

      भोपाल। नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू) भोपाल के छात्र-छात्राओं ने यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर एवं प्रोफेसर एस एस सिंह पर बेवजह परेशान करने के आरोप लगाते हुए उन्हें पद से तत्काल हटाने की मांग की है।
      यूनिवर्सिटी के छात्र और छात्रायें गुरूवार सुबह से सिंह को हटाये जाने समेत अपनी 50 मांगों के लिए विविद्यालय परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं।    धरना स्थल पर बैठे बीए-एलएलबी के अंतिम वर्ष के एक छात्र ने नाम न बताने की शर्त पर  को  बताया कि एनएलआईयू की छात्र-छात्राएं पिछले दो दिनों से यूनिवर्सिटी परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं। हमारा धरना रात में भी जारी रहता है।  
      उन्होंने बताया कि  जब तक यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर सिंह को पद से हटाया नहीं जाता है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा।  छात्र ने कहा,   सिंह हमें बेवजह परेशान करते रहते हैं। वह छात्राओं को अपने कक्ष में बुलाकर चार-पांच अन्य पुरूषों के सामने उनके पहने हुए कपड़ों पर भद्दी एवं लज्जित करने वाली टिप्पणियां करते हैं। छात्राओं को कहते हैं कि तुम यहां पर अपनी इज्जत एवं शर्म बेच कर आई हो। वह छात्राओं से यह भी कहते हैं कि अच्छा लोशन लगाकर आई हो। अच्छी महक रही हो। बहुत सुंदर लग रही हो।  
     उन्होंने कहा,   इसके अलावा, वह विद्यार्थियों के साथ की जा रही जातिगत भेदभाव, लिंग भेदभाव एवं भष्टाचार के आरोपों में कोई कार्वाई नहीं करते हैं।  
      उन्होंने बताया कि हमारी परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं भी ठीक तरह से नहीं जांची जाती हैं, जिसके कारण इस सेमेस्टर में 100 में से 85 विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया है।    उन्होंने कहा कि हमारी इन सारी समस्याओं की जड़ डायरेक्टर सिंह ही हैं। अब हमारे सब्र का बांध टूट चुका है। इसलिए जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता है, जब तक हमारा धरना जारी रहेगा।
      वहीं, अपने पर लगे इन आरोपों को डायरेक्टर सिंह ने निराधार एवं आधारहीन बताया है।
      सिंह ने कहा कि   डायरेक्टर के पद पर मुझे 10 साल होने वाले हैं। विद्यार्थी कह रहे हैं कि साढ़े नौ साल तक तो मैं बहुत अच्छा था। लेकिन अब अचानक बुरा हो गया हूं। मैं विविद्यालय में अनुशासन में रहने की बात करता हूं। विद्यार्थियों को फ्रीडम चाहिए। इसलिए वे यह बेबुनियाद आरोप मुझ पर लगा रहे हैं।  
      उन्होंने बताया कि  इसके अलावा, विविद्यालय में नये डायरेक्टर के चयन के लिए भी बात चल रही है। नये डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर भी छात्रों को भड़काया जा रहा है। कुछ फैकल्टी वाले अपने फायदे के लिए विद्यार्थियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।  
      सिंह ने कहा कि  विद्यार्थी किसी से बात करने के लिए तैयार नहीं है।