आईआईटी रूड़की के छात्रों ने सस्ता एयर कूलिंग साल्यूशन बनाया


         देहरादून। आईआईटी रूड़की के दो छात्रों ने कम कीमत का वाष्पीकृत होने वाला एक ऐसा  एयर कूलिंग साल्यूशन  विकसित किया है जो कम बिजली की खपत करने के साथ ही कोई विषैली गैस भी नहीं छोड़ता। 
          ईवाकूल  नाम का यह साल्यूशन मिट्टी के बर्तनों के जरिये ठंडा करने की प्राचीन शीतलन तकनीक का इस्तेमाल कर विकसित की गयी है। यह प्राणाली एक साधारण पंखे के बराबर केवल 65100 वाट बिजली की ही खपत करता है। संस्थान में बायोटेक्नोलोजी के तीसरे वर्ष के छात्र राजा जैन और रसायन इंजीनियरिंग की चौथे वर्ष की छात्रा निमिशा गुप्ता को इस प्राणाली के जरिये  ग्रो ग्रीन इन द सिटी 2017  कार्यक्रम का विजेता बनने में भी मदद मिली। 
        ईवाकूल  को समाज के निचले वर्ग को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है और यह तापमान को 10 डिग्री सेल्सियस तक कम कर सकता है। ईवाकूल की एक इकाई की लागत केवल चार हजार रूपये है।  इस संबंध में राजा जैन ने बताया कि भारत के कई भागों में गर्मियों में तापमान पचास डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है और वर्तमान में मौजूद पंखा, एयर कूलर या एयर कंडीशनर जैसे कूलिंग साल्यूशन्स या तो इतने प्रभावी नहीं है या वे इतने मंहगे हैं कि उन्हें ले पाना हर किसी के बस में नहीं है।  
       उन्होंने कहा कि इसके अलावा एयर कंडीशनर से निकलने वाली ग्रीन हाउस गैसें भी चिंता का विषय हैं और इस दृष्टि से ईवाकूल एक  ग्रीन साल्यूशन  है।