जीवंत होगा डीयू के 100 वर्ष का इतिहास 

 
विविद्यालय ने विश्वभर के लोगो से मांगा प्रस्ताव
विवि का इतिहास लिखने को मिलेंगे 15 से 20 लाख रुपये
2021 में 100 साल का हो जाएगा डीयू 
डीयू ने इस प्रोजेक्ट को लेकर मांगे आवेदन 
 
दिल्ली विविद्यालय आने वाले पांच सालों में 100 सालों का होने जा रहा है। इससे पहले की डीयू सौ साल का हो जाए, उससे पहले डीयू का इतिहास लिया जाएगा। डीयू देश और विश्वभर से लोगो को डीयू का इतिहास लिखने के योजना को लेकर प्रस्ताव मांगे हैं। यह प्रस्ताव 15 जुलाई से पहले डीयू की वेबसाइट पर ऑनलाइन भेजने होंगे। कोई भी व्यक्ति चाहे वह डीयू से जुड़ा हो या नहीं वह डीयू का इतिहास लिख सकता है। इसके लिए लेखक को करीब 15 से 20 लाख रुपये मिलेगे। 
डीयू के कुलपति प्रो योगेश त्यागी ने कहा कि डीयू सौ साल का होने जा रहा है। अभी हमने इसी महीने डीयू का 95वां स्थापना दिवस आयोजित किया था। पांच साल में डीयू सौ साल को हो जाएगा। इतने समय में ही डीयू का इतिहास लिखा जा सकता है। लिहाजा यह योजना बनाई गई है। डीयू की स्थापना वर्ष 1922 को हुई थी और अब 2021 में इसकी स्थापना को 100 साल हो जाएंगे। प्रस्ताव के तहत लेखक यह बताएगा कि वह कितने साल में और कितने खच्रे में डीयू का इतिहास लिख सकेंगे। लेखक चाहे तो समूह में भी डीयू का इतिहास लिख सकता है। डीयू के इतिहास का प्रकाशन खुद डीयू करेगी। प्रो त्यागी ने बताया कि जो लोग प्रस्ताव भेजेंगे, उसका मूल्यांकन एक कमेटी करेगी। उसके बाद डीयू का इतिहास का लेखन शुरु हो सकेगा।