सरकार उच्च शिक्षा के लिए बेहतर प्रयास कर रही है-सत्यपाल
 
बिलासपुर।  केन्द्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने कहा कि पिछली सरकार ने बीते सालों में शिक्षा, विशेषकर उच्च शिक्षा के लिए जितना पैसा खर्च किया जाना चाहिए था, जैसा प्रयास करने चाहिए थे वो नही किए गये। लिहाजा हमारे पास ज्ञान, क्षमता, प्रतिभा होते हुए भी हमारे शिक्षा संस्थानों को वि स्तर पर प्रसिद्धि नही मिली।  
   डॉ सिंह ने यह बात आज यहां आयोजित गुरु घासीदास केन्द्रीय वि विद्यालय का छठवां दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 20 वि विद्यालयों को वि स्तरीय बनाने की घोषणा की है ये बहुत महत्वपूर्ण है। 
   कार्यक्रम के बाद श्री सिंह ने मीडिया से आनौपचारिक चर्चा में कहा कि प्राचीन काल में वि गुरु रहा भारत शिक्षा के क्षेा में पिछड़ गया था, लेकिन अब उच्च शिक्षा को लगातार बेहतर करने के प्रयास चल रहे हैं। शिक्षा के भगवाकरण पर उन्होंने कहा कि भगवा रंग त्याग, ज्ञान का प्रतीक है, सूर्य भगवा है, संतों का चोला भगवा है, इसलिए यदि कोई बात इस रंग में रंगी जा रही है तो क्या गलत है।
     राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ने अपने इस अवसर पर कहा कि जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है, शिक्षा एक व्यक्ति को सम्पूर्ण इसान बनाती है।    दीक्षांत समारोह के बाद केंद्रीय वि विद्यालय तथा भारतीय शिक्षण मंडल की भारत नवोन्मेष ( वैभवशाली अतीत से आधुनिक अभ्युदय तक) विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन हुआ। इसमें चार देशों के रिसर्चर भाग ले रहे हैं। साथ ही चार सौ पेपर्स इसमें विभिन्न विषयों पर प्रस्तुत किए जाएंगे। पूरे देश से छह सौ से भी ज्यादा लोग इसके लिए यहां पहुंचे हैं।
   इस समारोह में प्रतिभावान एक सौ अठासी छात्र छात्राओं को मेडल तथा उपाधियाँ दी गई। कुलपति अंजिला गुप्ता ने वाषिर्क प्रतिवेदन पढ़ा।