मातृभाषा में ज्यादा और जल्दी सीखते हैं छात्र: निशंक

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल‘निशंक’ने रविवार को कहा कि मातृभाषा हर छात्र के लिए बेहद जरूरी है और शिक्षा मनोविज्ञान में हुए अनुसंधानों से यह बात साबित होती है कि मातृभाषा में बच्चे जल्दी और ज्यादा सीखते हैं।

       डॉ. निशंक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय एवं इंदिरा गाँधी नेशनल सेंटर फॉर आट्र्स द्वारा मातृभाषा दिवस के अवसर पर आयोजित शिक्षा और समाज में समावेश के लिए बहुभाषावाद को बढ़ावा देना विषय पर आयोजित सेमीनार को संबोधित करते हुए कहा कि मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण करने से छात्र आनंद का अनुभव प्राप्त करते हैं और इतना ही नहीं उनके आत्म-सम्मान में भी बढ़ोतरी होती है।

     निशंक ने कहा कि ने मातृभाषा के लिए केंद्र सरकार की गंभीरता के बारे में जानकारी देते हुए कहा, मातृभाषा की महत्ता से केंद्र सरकार भलीभांति अवगत है। मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार द्वारा देश की तमाम भाषाओं के संरक्षण और विकास के लिए अनेक प्रकार के कदम उठाए गए हैं।

 इसके अलावा डॉ. निशंक ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषा के विकास के लिए दिए गए प्रावधानों के बारे में बताते हुए कहा कि भारत एक बहुभाषी देश है जहाँ 121 से अधिक भाषाएँ प्रचलित हैं। हमारी नई शिक्षा नीति में कई ऐसी योजनाओं का प्रावधान दिया गया है जिनसे भारत में एक बहुभाषिक समाज के निर्माण में सहायता मिलेगी जो तकनीकी ज्ञान के भार का वहन करने की क्षमता रखेगा।

          उन्होनें केंद्र सरकार की भाषा विकास एवं भाषा संवर्धन की विभिन्न योजनाओं से सबको अवगत कराया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री (स्वंतंत्र प्रभार) पल्राद सिंह पटेल एवं इंदिरा गाँधी नेशनल सेंटर फॉर आट्र्स के सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी भी उपस्थित थे।