सीबीएसई 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 4 मई से

 

  • 1 जून तक चलेंगी परीक्षाएं
  • 1 मार्च से शुरु होंगी प्रेक्टिकल परीक्षा
  • 15 जुलाई तक आयेगा परीक्षा का परिणाम 

 नई दिल्ली  । 
 वैश्विक महामारी कोरोना संकट के कारण इस वर्ष सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी या मार्च में शुरु नहीं होगी बल्कि छात्रों को अध्ययन का और अधिक समय देने के लिये परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ाया गया है। इस वर्ष 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 4 मई से होंगी जो 1 जून तक चलेंगी। प्रेक्टिकल परीक्षाएं 1 मार्च से शुरु होगी और 15 जुलाई तक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया जायेगा।


केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डा रमेश पोखरियाल निशंक ने आज   लाइव संदेश में परीक्षाआें की तिथियों का एलान किया। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तिथियों को अध्यापकों व विशेषज्ञों से संवाद व परामर्श के बाद तय किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि  उन्हें  छात्रों के बहुत  सुझाव शिक्षा संवाद में मिलते रहे हैं। कोरोना काल के संकट के दौरान भी छात्र  को अध्यापकों ने पूरी ताकत के साथ मदद की है। जब पूरी दूनिया एक एक वर्ष अपने सत्र को ले गई   संकट में हमने अपने बच्चों का छात्र खराब नहीं होने दिया और सजगता व सुरक्षा से काम कर बच्चों का एक वर्ष बचाया है। 
उन्होंने कहा कि देश के छात्रों ने भी पूरे मन से काम किया है , यह पूरी दुनिया में एक बड़ा उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि  भारत में 3३ करोड छात्र छात्राएं हैं जो अमेरिका की कुल जनसंख्या से भी अधिक हैं। उन्होंने कहा कि इन छात्र छात्राआें ने  संकट में भी पूरी ताकत के साथ चुनौतियों का सामना किया है। चुनौतियों का सामना करने में छात्र व अभिभावक पीछे नहीं रहे।  उन्होंने कहा कि कोरोना काल ने प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया के विजन को कोरोना काल ने धरातपर पर साकार किया है। निशंक ने कहा कि  अभी कुछ छात्र छात्राएं ऐसे हैं जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं व नेट नहीं है लेकिन उन्हें भी शिक्षा से वंचित नहीं रखा गया,  छात्रों को रेडियो व स्वयंप्रभा के 3२ चैनलों के माध्यम से प्रतिदिन 24 घंटे शिक्षा दी गई। भिन्न भिन्न तरीकों से छात्रों को शिक्षा दी गई।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक गतिविधयां कोरोना के कारण चरमराई नहीं। मंत्रालय ने  छात्रों, अभिभावकों, अध्यापकों से लगातार संवाद किया और जो भी कठिनाईयां आई उनका लगातार समाधान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जेईई व नीट की परीक्षाएं कराने में भी सफलता हासिल की। यह दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा थी। उन्होंने कहा कि  एक समय था जब मोबाइल पर केवल मित्रों से बात करते थे अब मोबाइल पर छात्र दीक्षा को डाऊनलोड कर शिक्षा हासिल कर रहे हैं। आज ईयर फोन लगाकर गाना नहीं सुन रहे बल्कि ईयर फोन लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं। 
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति भी दुनिया में सबसे बड़े सुधार के रूप में आई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कोरोना संकट के कारण फरवरी तक कोई परीक्षा नहीं होगी जबकि  इससे पहले जनवरी फरवरी में प्रक्टिकल शुरु हो जाती थी। उन्होंने कहा कि सभी से संवाद के बाद तय हुआ है कि बोर्ड की दसवीं व बाहरवीं की परीक्षा  4 मई से प्रांरभ होगी तथा 1 जून को परीक्षाएं समाप्त होंगी। प्रेक्टिकल की परीक्षाएं 1 मार्च   शुरु हो जायेगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा पुस्तिकाआें की जांच सम पर पूरी कर ली जायेगी और परीक्षाआें का परिणाम 15 जुलर्इा तक घोषित करने का प्रयास किया जायेगा।