उच्च शिक्षण संस्थान खोलने के लिये यूजीसी ने जारी किये दिशा निर्देश
 

नई दिल्ली :अनलॉक प्रक्रिया शुरु होने के बाद देश में उच्च शिक्षण संस्थानों को भी खोले जाने के लिये विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी ने विशेष दिशा निर्देश जारी किये हैं। यूजीसी के दिशा निर्देश के अनुसार सभी राज्य व केन्द्र शासित प्रदेशों में वहां की सरकारों के निर्णय के अनुसार ही कक्षाओं का संचालन किया जायेगा तथा सुरक्षा संबधी सभी नियमों का पालन किया जायेगा। 

जो महत्पपूर्ण फैसले किए गए हैं वो इस प्रकार हैं-

1.         केंद्रसे वित्तपोषित उच्च शिक्षा संस्थानों को खोलने के लिए पहले संस्था प्रमुख को स्वंय संतुष्ठ होना होगा। सभी संस्था प्रमुखों को कक्षाओं को खोलने की के लिए निर्णय लेने की छूट दी गई है।

2.         सभी उच्च शिक्षण संस्थाओं में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के निर्णय के अनुसार कक्षाएं संचालित होंगी। अन्य सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानोंजैसेराज्य के विश्वविद्यालयों,निजीविश्वविद्यालयों ,समविश्वविद्यालयों और कॉलेजों  के लिए  राज्य सरकारों और केंद्र शासित राज्यों को फैसला लेने का अधिकार होगा।

 

3.         सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय और कॉलेज विभिन्न तरह की सुरक्षात्मक उपायों का उपयोग करके चरणबद्ध तरीके से परिसर खोलने की योजना बना सकते हैं। इसमें प्रशासनिक कार्यालय, अनुसंधान प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय आदि  को भी शामिल किया जा सकता है।

 

4.         रिसर्च के लिए जरुरी कदम उठाए गए हैं। विज्ञान-प्रौद्योगिकी और अनुसंधान में स्नातकोत्तर छात्र शामिल हो सकते हैं। क्योंकि रिसर्च करने वालों की संख्यातुलनात्मक रूप से कम होती है। इन संस्थानों में सोशल डिस्टेंसिंग और निवारक उपायों को आसानी से लागू किया जा सकता है।

 

5.         शिक्षा का रोजगार से सीधा संबंध है ऐसे में अंतिम वर्ष के छात्रों को भी शैक्षणिक कार्यों और प्लेसमेंट के लिए संस्थान प्रमुख के निर्णय के अनुसार शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है।

 

6.         ऊपरदिएगए निर्दोशों के लिएयह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कुल छात्रों का 50% से अधिक की उपस्थिति किसी भी समय नहीं होनी चाहिए और आवश्यक दिशानिर्देशों/प्रोटोकॉल का अनुपालन किया जाना चाहिए ताकि COVID-19 के प्रसार को रोका जा सके।

 

7.         विज्ञान प्रौद्योगिकी और रिसर्च को छोड़कर अन्य सभी कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन क्लास जारी रहेंगे। ऑनलाइन और डिस्टेंस एजुकेशन पहले की तरह पसंदीदा तरीका बना रहेगा और इसे और बढ़ावा दिया जाएगा।

 

8.         आवश्यकता पड़ने छात्रपूर्वनिर्धारितसमय पर  शिक्षकों के साथ परामर्श के लिए संबंधित विभागों में जा सकते हैं ताकि भीड़ से बचा जा सके और सामाजिक दूरी के मानदंडों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हो सके।

9.         अगर छात्र चाहें तो कक्षाओं में भाग न लेकर घर पर हीरहकर ऑनलाइन अध्ययन कर सकते हैं।  संस्थान ऐसे छात्रों के पठन-पाठन के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और ई-संसाधनों को सुलभ बनाने का प्रयास करेंगी ।

10.       संस्थानों के पास अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए एक योजना तैयार होनी चाहिए जो अंतर्राष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंध या वीजा समस्याओं के कारण कोर्स में शामिल नहीं हो सके हैं। ऐसे छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षण की पूर्ण व्यवस्था की जानी चाहिए।

 

11.       सुरक्षा और स्वास्थ्य नियमों का सख्ती से पालन करते हुएकेवल सीमित संख्या में हॉस्टलखोले जा सकते हैं।  हालांकि, हॉस्टल में कमरों में एक से ज्यादा छात्र के रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। कोविड-19 के लक्षण वाले छात्रों को किसी भी परिस्थिति में छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

 

12.       किसी भी शैक्षणिक परिसर को फिर से खोलने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि संबंधित केंद्र या राज्य सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के लिए उस  क्षेत्र को सुरक्षित घोषित किया है या नहीं।  केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 के मद्देनजर सुरक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित जारी किए गए दिशानिर्देश और आदेश का उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा पूरी तरह से अनुपालन होना चाहिए।

इन दिशानिर्देशों में परिसरों को फिर से खोलने के पूर्व  उच्च शैक्षणिक संस्थानों द्वारा उठाए जाने वाले उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया है। यह दिशानिर्देश उच्चतर शैक्षणिक संस्थानों  के प्रवेश से संबंधित सारी प्रक्रियाओं को पालन करने के लिए अनिवार्य होगा। इन दिशानिर्दोशों में कैंपस के अंदर, हॉस्टल में, कक्षा संचालन और विभिन्न संस्थानों से जुड़े कार्यालयों में सुरक्षा ऊपायों का भी वर्णन है। इसमें मानसिक स्वास्थ्य के अलावा कॉउन्सिलिंग के बारे में बी बताया गया है।