जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के साथ देशद्रोही ताकतों का भी हुआ खात्मा : प्रो.देवेंदर सिंह 


नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर विलय दिवस के अवसर पर जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र, हरियाणा प्रान्त चैप्टर द्वारा ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया गया | इस परिचर्चा में मुख्य वक्ता के तौर पर प्रो. देवेंदर सिंह (पंजाब विश्वविधालय, चंडीगढ़) और कार्यक्रम की अध्यक्षता सुभाष आहूजा (प्रान्त कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरियाणा) ने की | 
           कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र, हरियाणा प्रान्त चैप्टर के सचिव डॉ. विवेक बाल्यान ने सभी स्वागत करके, जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र का परिचय करवाते हुए की | कार्यक्रम संयोजक के तौर पर जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र, हरियाणा प्रान्त के जियो स्टेटिक आयाम प्रमुख प्रो. अरुण कुमार ने कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं अध्यक्ष का परिचय करवाया | 
          प्रो. देवेंदर सिंह ने जम्मू कश्मीर की संवेधानिक स्थिति पर चर्चा करते हुए बताया की देश इतने गम्भीर विषय को किस तरह राजनितिक लोगों ने आम जनता से दूर रखा | उन्होंने बताया की संविधान का ज्ञान देने वाली पुस्तकों में भी अनुच्छेद 370 का कोई वर्णन नहीं मिलता था | प्रो. देवेंदर सिंह ने महाराजा हरी सिंह के सामने आई परिस्थितियाँ और उनके द्वारा जम्मू कश्मीर का भारत में पूर्ण विलय बताते हुए कहा की तत्कालीन राजनितिक लोग अपने अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानने को तैयार नहीं थे |
           उन्होंने बताया की तत्कालीन राजनितिक व्यवस्था ने इसे अंतराष्ट्रीय मुद्दा बनाने का काम किया | जम्मू कश्मीर की संवेधानिक सभा के चुनावों का जिक्र करते हुए बताया की उस समय जो भी राजनितिक दल भारत के पक्ष में थे उन दलों के लोगों के चुनावी पर्चे रद्द क्र दिए गये थे और भारत विरोधी ताकतें चुनाव जीत गई थी | उन लोगों ने जम्मू कश्मीर को भारत से अलग करने के भरसक प्रयास किये परन्तु अपने इरादों पर कामयाब नहीं हुए | प्रो. देवेंदर सिंह ने बताया की 5 अगस्त 2019 के दिन केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 और 35-A को निरस्त कर दिया था और राज्य का पुनर्गठन कर उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था | अनुच्छेद 370, 35 ए निरस्त होने से आज जम्मू-कश्मीर में सभी नागरिकों को एक समान अधिकार मिला है | आज पूरे देश में एक विधान और एक संविधान लागू है | पिछले साल 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए निरस्त होने के बाद अब सभी दलित समुदाय के नागरिकों को एक समान अधिकार मिला है |  साथ ही नये डोमिसाइल कानून के तहत उन्हें जम्मू-कश्मीर की नागरिकता भी मिली है | नये डोमिसाइल कानून के तहत जम्मू कश्मीर में लम्बे समय तक कार्यरत रहे लोगों को भी अब नागरिकता मिल रही है | जम्मू कश्मीर की बेटियां जिनकी विवाह के बाद जम्मू कश्मीर की नागरिकता समाप्त हो जाती थी अब उन बेटियों को भी उनका अधिकार मिला है | अनुच्छेद 370 और 35-A को निरस्त होने के बाद वहां के युवाओं में उत्साह और विश्वास है की अब जम्मू कश्मीर में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर आयेंगे और जम्मू कश्मीर का अधिक से अधिक विकास होगा | 
               कार्यक्रम के अध्यक्ष सुभाष आहूजा ने जम्मू कश्मीर अध्ययन केन्द्र को जम्मू कश्मीर विलय दिवस की बधाई देते हुए जम्मू कश्मीर अध्ययन केन्द्र के कार्यों की सराहना की और कहा की अभी बहुत कुछ करना बाकि है | उन्होंने कहा की बिना इच्छाशक्ति के कोई भी कार्य नहीं किया जा सकता | वर्तमान सरकार ने देश में संगठन का भाव पैदा करते हुए बड़ी आसानी से धरा 370 का खात्मा किया है | उन्होंने कहा की अब देशद्रोही ताकतों को पनपने नहीं देंगे और इस कार्य की पुरे देश को संगठित होने की जरूरत है |
कार्यक्रम के अंत में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति 
            प्रो. टंकेश्वर कुमार ने मुख्य वक्ता, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं कार्यक्रम से जुड़े सभी लोगों का धन्यवाद किया। आयोजन में ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न शिक्षण संस्थानों के हजारों शिक्षक, विद्यार्थी व शोद्यार्थी शामिल हुए।