धारा 370 के खत्म होने से भ्रम की स्थिति का हुआ अंत: प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री

  • -जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र, हरियाणा प्रांत ने आयोजित की ऑनलाइन परिचर्चा

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के हटने के बाद से बदली स्थितियों को लेकर देशभर में विमर्श जारी है। जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र, हरियाणा प्रांत ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए गुरूवार को जम्मू कश्मीर: धारा 370 से पूर्व एवं बाद की स्थिति विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया। इस परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद् के अध्यक्ष प्रो. बृजकिशोर कुठियाला की। इस अवसर पर दोनों ही विशेषज्ञों ने धारा 370 के हटने से जम्मू-कश्मीर की स्थितियों में आए बदलावों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
       प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने इस अवसर पर कहा कि धारा 370 ने जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में भ्रम की स्थिति को पैदा किया और इसके परिणामस्वरूप वहां के लोग यही समझते रहे कि जम्मू-कश्मीर में भारत से अलग संवैधानिक व्यवस्था लागू है जबकि ऐसा नहीं है। धारा 370 के खत्म होने से गिलगित, बाल्टस्तिान के लोगों में इस बात को लेकर भरोसा कायम हुआ है कि भारत सरकार, पाकिस्तान व चीन के कब्जे में अपने हिस्सों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। इस बदलाव से कश्मीरियों को भी भारी लाभ पहुंचा है। भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं, आरक्षण व्यवस्था आदि का लाभ अब वहां के लोगों को मिल रहा है जोकि पहले नहीं मिलता था। धारा 370 हटने के बाद वहां रहने वाले सभी लोगों को समान कानून, समान अधिकार मिलने लगे हैं और इसने कश्मीरी भाषा को भी फिर से जीवित कर दिया है। इस धारा के समाप्त होने से नई लीडरशिप का बढ़ावा मिलेगा और जम्मू-कश्मीर की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा। 
                प्रो. बृजकिशोर कुठियाला ने अपने संबोधन में बताया कि किस तरह से धारा 370 के खत्म होने से जम्मू कश्मीर की स्थितियों में और वहां रहने वाले आमजन की जीवन में परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने कहा कि धारा 370 के खत्म होने से यह हिस्सा भारत के साथ आत्मीय रूप से जुड़ा है। धारा 370 के कारण जम्मू-कश्मीर की आम जनता ने भारी कष्ट झेले, जिनका निदान अब हो रहा है। प्रो. कुठियाला ने इस अवसर पर कहा कि जम्मू कश्मीर के संबंध में वैचारिक बदलाव के लिए जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। अध्ययन केंद्र ने बहुत थोडे़ ही समय में जम्मू-कश्मीर के संदर्भ मंे समग्र अध्ययन की दिशा में प्रयास किए हैं और उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि जम्मू-कश्मीर को लेकर सकारात्मक दिशा में अध्ययन, शोध कार्य शुरू हुआ। यकीनन उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप हालात सुधर रहे हैं और धारा 370 खत्म होने से इस कार्य में भारी तेजी आई है। 
          जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र, हरियाणा प्रांत के सचिव विवेक बालयान व जियो स्ट्रेटेजिक आयाम, प्रमुख प्रो. अरूण कुमार ने बताया कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य भारत सरकार के प्रयासों से जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को खत्म किए जाने और उससे वहां की परिस्थितियों में आ रहे सकारात्मक बदलावों की ओर जनमानस का ध्यान आकर्षित करना था। उन्होंने बताया कि कुछ लोग इस बदलाव का विरोध कर रहे हैं जोकि उचित नहीं है। जहां तक जम्मू-कश्मीर के आमजन की बात है तो वह इस परिवर्तन को सहर्ष स्वीकार कर आगे बढ़ रहा है और अपनी प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। कार्यक्रम के अंत में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आयोजन में ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, विद्यार्थी व शोद्यार्थी शामिल हुए।