जामिया ने पायथन प्रोग्रामिंग पर फैकल्टी डवेल्पमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया

 


नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के शताब्दी समारोह के तहतंविश्वविद्यालय के कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग ने 30 अगस्त से 06 सितंबर, 2020 तक पायथन प्रोग्रामिंग पर एक सप्ताह फैकल्टी डवेल्पमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आयोजन किया। गूगल मीट पर इस प्रोग्राम को स्पोकन ट्यूटोरियल्सआईआईटी बॉम्बे के सहयोग से किया गया।



इस प्रोग्राम के लिए देश भर के लगभग 189 लोगों ने पंजीकरण कराया था। पंजीकरण कराने वालों में जामिया और अन्य विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों  के प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर शामिल हैं। इसमें जेएनयूडीटीयूएएमयूडीयूआईटीएनआईटी दिल्ली और आईआईटी बॉम्बे आदि संस्थानों के छात्रों के साथ-साथ शोधकर्ताओं की भी बड़ी भागीदारी थी। साथ ही उद्योग से भी कुछ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।


एफडीपी प्रोग्राम में ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफ़लाइन लर्निंग का एक अनूठा मिश्रण पेश किया गया। जेएमआईआईआईटी गांधीनगरएनआईटी दिल्ली के साथ-साथ आईआईआईटी दिल्ली के विषय विशेषज्ञों ने पायथन प्रोग्रामिंग के विभिन्न पहलुओं पर आधारित अपने व्यक्तिगत ऑनलाइन व्याख्यान दिए।


पहले दिन जामिया के कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग से डॉ सरफराज ने पायथन प्रोग्रामिंग के परिचय पर एक सत्र आयोजित कियाजबकि दूसरे दिन एनआईटी दिल्ली के डॉ चंद्र प्रकाश ने माटप्लोटिब लाइब्रेरी पर व्याख्यान दिया। तीसरे और चैथे दिन आईआईटी गांधीनगर के डॉ मयंक सिंह ने क्रमशः नेम्पी और पंडास लाइब्रेरी पर सत्र आयोजित किया। आखिरी दिनआईआईटी दिल्ली के डॉ शाद अख्तर ने पायथन के स्किट-लर्न लाइब्रेरी पर सत्र को संबोधित किया।    

एफडीपी में हिस्सा लेने वालों को सेल्फ-लर्निंग ऑफ़लाइन वीडियो आधारित मॉड्यूल भी मुहैया कराया गया थाजो कोर पायथन प्रोग्रामिंग के बारे में सभी प्रमुख पहलुओं को कवर करता है। प्रतिभागियों को दिन के किसी भी समय इन वीडियो को देखने और इन वीडियो के आधार पर असाइनमेंट सबमिट करने की आसानी थी।


प्रोग्राम के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक इसमें हिस्सा लिया और नियमित रूप से  समय पर अपने असाइनमेंट सौंपे। इससे उन्हें हर दिन पायथन प्रोग्रामिंग के कुछ पहलुओं को सीखने में मदद मिली।    

इसके आखिरी दिनवैलिडिक्टरी समारोह में जामिया के इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी फैकल्टी के डीन प्रोफेसर इब्राहिमस्पोकन ट्यूटोरियल आईआईटी बॉम्बे की राष्ट्रीय समन्वयक डॉ श्यामा अय्यर ने हिस्सा लिया और जामिया के कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो तनवीर अहमद ने वोट ऑफ़ थैंक्स भी दिया।