वारंगल के छात्रों का नासा के रोवर चैलेंज के लिए चयन

     हैदराबाद। आंध्रप्रदेश में वारंगल के एसआर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों की एक दल का अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के पांचवे वाषिर्क यूमन एक्सप्लॉरेशन रोवर चैलेंज के लिए चयन किया गया। 

     कॉलेज द्वारा आज जारी विज्ञप्ति के अनुसार यह तीन दिवसीय प्रतिस्पर्धा अगले वर्ष 12 अप्रैल को अमेरिका के अलाबामा स्थित हंटविले में आयोजित होगा। यह दल कठिन चयन प्रक्रिया को पार करके अंतिम प्रतिस्पर्धा के लिए चयनित हुआ है। इसके लिए दल ने इसके लिए चंद्रमा के लिए बग्गी का डिजाइन एवं रिपोर्ट तैयार की और इस बग्गी को बनाने की अपने सिद्धांत, उसकी कार्यपण्राली और चंद्रमा की सतह पर याियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की रिपोर्ट बनाई है। 
     नासा के पांचवे वाषिर्क रोवर चैलेंज में भाग लेने के लिए भारत से केवल चार दलों को ही चुना गया है। इस प्रतिष्ठित प्रतिस्पर्धा में 23 देशों के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इसमें विद्यार्थियों को दूसरी दुनिया की या के लिए वहां की सतह के अनुरूप वाहन का डिजाइन तैयार करना है।
    इस पांच सदस्यों वाले दल टीम का नेतृत्व शिक्षक मनोज चौधरी करेंगे।  दल में पी. पाउल विनीत (ईसीई, प्रथम वषर्), प्रकाश रैनेनि (मैकेनिकल, अंतिम वषर्), पी. श्रवण राव (ईसीई, अंतिम वषर्), रोंदला दिलिप रेड्डी (मैकेनिकल, अंतिम वषर्) और वेनि शेट्टी स्नेहा (सिविल, अंतिम वषर्) शामिल हैं।  विद्यार्थियों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, हम प्रतिस्पर्धा को लेकर बेहद रोमांचित हैं, क्योंकि अंतरिक्ष अन्वेषण एक ऐसा विषय पर हमने कभी भी इस ढंग से विचार नहीं किया। हमें पूरा विास है कि हम यह प्रतिस्पर्धा जीतेंगे। 
     इंजीनियरिंग कॉलेज के सचिव ए. मधुकर रेड्डी ने भी दल को बधाई देते हुए कहा, इस प्रतिस्पर्धा से विद्यार्थी नासा के आगामी पीढ़ी की अंतरिक्ष पण्राली को डिजाइन करने वाले इंजीनियर बनने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि मुझे अपने विद्यार्थियों पर गर्व है।