गांवों तक पहुंचा रहे हैं आन लाइन शिक्षा : मेजर हर्ष कुमार

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षकि अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद एनसीईआरटी के सचिव मेजर हर्षकुमार का कहना है कि लॉकडाऊन के इस संकट में छात्र छात्राओं की शिक्षा का कोई नुकसान नहीं होने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर डिजिटल माध्यमों से छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने की योजना बड़े पैमाने पर चलाई गई है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यदि छात्र-छात्राओं का नुकसान होता है तो भविष्य में उनके लिये अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से भरपाई की जायेगी।
           देश में लॉकडाऊन के बाद छात्र छात्राओं के सामने उत्पन्न संकट पर एनसीईआरटी के सचिव मेजर हर्ष कुमार का कहना है कि एनसीईआरटी ने छात्र-छात्राओं के लिये वैकल्पिक अकादमिक कैलेण्डर बनाया है जिसे मानव संसाधन विकास मंत्री ने लांच भी कर दिया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थिति में केवल आनलाइन शिक्षा का ही विकल्प है और एनसीईआरटी देश भर में छात्र छात्राओं को ईन्-लर्निंग के माध्यम से उनकी शिक्षा को जारी रखने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि एनसीईआरटी ने उत्तर क्षेत्र व दक्षिण क्षेत्र के प्रधानाचार्यो के लिये आनलाइन शिक्षा को लेकर दो वेबीनार सत्र आयोजित कर उन्हें सरकार की ओर से उपलब्ध कराये गये ई-लर्निंग पोर्टल आदि व आनलाइन शिक्षण सामग्री के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। 
           उन्होंने कहा कि सरकार के दीक्षा पोर्टल व ई-पाठशाला पोर्टल पर ना केवल पर्याप्त मात्रा में शिक्षण सामग्री उपलब्ध है बल्कि प्रतिदिन इन पोर्टल पर नई सामग्री भी डाली जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई चुनौतियां हैं जिनका सामना सभी को मिलकर करना होगा। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में इंटरनेट उपलब्ध नहीं है या ग्रामीण आनलाइन माध्यम से शिक्षा हासिल नहीं कर पा रहेहैं उनके लिये वैकल्पिक व्यवस्था भी की जायेगी और किसी भी छात्र का नुकसान नहीं होने दिया जायेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के जान भी है जहान भी है के नारे का हवाला देते हुए कहा कि इन परिस्थतियों में जान बचाना भी जरुरी है और शिक्षा भी जरुरी है और एनसीईआरटी देश के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्रदान करने के लिये प्रयत्नशील है।