जन अभियान दिलाएगा हर बच्चे को उसका अधिकार: हक
 
  • बच्चों के लिए साझेदारी के यूनीसेफ की 70वीं वषर्गांठ पर रिकी केज ने जारी किया टू वेक अप फॉर एवरी चाइल्ड
 
नई दिल्ली  । यहां लोधी रोड़ स्थित यूनीसेफ इंडिया के मुख्यालय में देश के बच्चों की सेवा (1949-2019) की 70वीं सालगिरह मनाई। यूनीसेफ में भारत की प्रतिनिधि डा. यास्मीन अली हक ने इस असवर पर कहा कि भारत में हर जगह हर बच्चे को उसका अधिकार दिलाने के मकसद से यूनीसेफ ने केंद्र सरकार से निरंतर साझेदारी निभाई है।
हक ने कहा कि यूनीसेफ ने 10 मई 1949 को भारत में केवल तीन लोगों के स्टाफ के साथ काम शुरू किया। पिम्परी में भारत का पहला पेनीसिलीन प्लांट लगाने में उपकरण और तकनीक की मदद दी। संगठन नई दिल्ली से और 16 अन्य राज्यों में अपनी सेवाएं देता है। भारत में बच्चों के लिए यूनीसेफ के कार्य का बड़ा दायरा है जिसमें पोषण मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य पानी स्वच्छता सफाई और शिक्षा बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक आपदा में बच्चों और उनके परिवारों को मदद देने संबंधी नीतियों और कार्यक्रमों पर कार्य करना शामिल है।
स्कूली बच्चे भी बने भागीदार:
                   इस एतिहासिक पल में 500 स्कूली बच्चों और विविद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न खेलों में भागीदारी करते हुए समारोह का नेतृत्व किया और इंटरएक्टिव मार्केट प्लेस में भाग लेकर बच्चों के अधिकारों का प्रदर्शन किया। पूरे देश के अपने भागीदारों के साथ यूनीसेफ ने अपने कार्य प्रदर्शित किए। बाल अधिकार के विशेष अभियान ‘नाइन इज़ माइन’ के बच्चों ने बाल अधिकार समझौते पर केंद्रित एक मौलिक रैप संगीत पेश किया। सेलेब्रेटी एडवोकेट एवं ग्रैमी अवार्ड विजेता भारतीय कम्पोज़र और म्युजिक प्रोड्यूसर रिकी केज ने इस सालगिरह पर एक खास म्युजिक वीडियो लांच किया। केज ने वेक अप फार एवरी चाइल्ड गाने का बोल तैयार किया है। रिकी ने क्राउड-सोर्संिग के माध्यम से यह गाना तैयार किया जिसमें पूरे
देश के 40 से अधिक चाइल्ड एडवोकेट शामिल थे।