शिक्षकों का वेतन रोकने की  आलोचना


चंडीगढ़।  इंडियन नेशनल लोकदल नेता औेर सांसद दुष्यंत चौटाला ने त्योहारों के मौसम में शिक्षकों का वेतन रोकने के हरियाणा सरकार के आदेश की आज आलोचना की।
     चौटाला ने यहां जारी बयान में कहा कि यह न केवल तुगलकी फरमान है बल्कि यह प्रदेश की मनोहर लाल खट्टर सरकार की मानसिकता का भी प्रतीक है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इस आदेश को वापस ले और शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों का सितंबर माह का वेतन तुरंत जारी करे। 
          उन्होंने कहा कि मानव संसाधन प्रबंधन पोर्टल पर डाटा अपलोड में देरी के कारण शिक्षकों का वेतन रोका गया हैे लेकिन इसके लिए शिक्षक कहीं से जिम्मेवार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पोर्टल को सुचारू रूप से चलाने के लिए तकनीकी व्यवस्था करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि हजारों शिक्षकों का करीब 80 कॉलम का डाटा केवल 4 दिन में अपलोड करने की अपेक्षा उनसे नहीं करनी चाहिए। इतना ही नहीं सरकार ने इसी बीच 29 सितंबर को एचआरएम फाम्रेट में फिर से बदलाव कर दिया और एचआरएम फार्म अपलोड न होने तक शिक्षकों का वेतन न जारी करने के आदेश जारी कर दिए। 
      श्री चौटाला ने सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ प्रदेश में स्कूली शिक्षा का स्तर दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है और दूसरी तरफ सरकार पराली जलाने की देखरेख का जिम्मा शिक्षकों पर डाल रही है।