बयान से मुकरा प्रद्युम्न की हत्या का आरोपी कंडक्टर

गुरुग्राम।  हरियाणा के गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल के दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्या का आरोपी अशोक कुमार  अदालत में पुलिस को दिए बयान से आज मुकर गया।
     आरोपी बस कंडक्टर अशोक ने अदालत में पुलिस पर उसे फंसाने का आरोप लगाते हुए स्वयं को बेकसूर बताया। न्यायाधीश रजनी यादव की अदालत में अशोक कुमार को पेश किया गया। आठ सितम्बर को हुई इस वारदात में आरोपी ने पुलिस और मीडिया के सामने छात्र की हत्या करने की बात कबूली थी लेकिन अदालत के सामने जाकर वह पूरी तरह पलट गया।
       न्यायाधीश यादव ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को 29 सितम्बर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले में किशोर न्याय कानून के तहत गिरफ्तार स्कूल के दो पदाधिकारियों को भी 29 सितम्बर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। स्कूल के उत्तरी जोन के प्रमुख फ्रांसिस थामस और मानव संसाधन विभाग के प्रमुख जियूस थामस की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। दोनों पर विशेष जांच दल ने स्कूल के सुरक्षा प्रबंध में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था।
        छात्र की हत्या के 10 दिन बाद आज गुरुग्राम प्रशासन की निगरानी में स्कूल खुला। मुख्यमत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को  छात्र के अभिभावकों से मिलने के बाद स्कूल का प्रबंधन तीन महीने तक प्रशासन के निगरानी में रखने और केन्द्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) से छात्र हत्या की घटना की जांच कराने की घोषणा की थी। प्रद्युम्न के पिता वरुण चंद्र ठाकुर ने उपायुक्त को पत्र लिखकर सीबीआई की प्रारंभिक जांच होने तक स्कूल को बंद करने की मांग की है। ठाकुर ने स्कूल खुल जाने के बाद साक्ष्यों के नष्ट होने की आशंका जताई है। प्रशासन ने 23 सितम्बर को अध्यापकों और अभिभावकों की बैठक बुलाई है जिसमें सुरक्षा को लेकर व्यक्त की जा रही चिंता पर चर्चा होगी।