निष्ठा मॉडयूल को लांच करते डा.रमेश पोखरियाल निशंक व सचिव रीना रे

 

देश के 42 लाख शिक्षक निष्ठा कार्यक्रम से होंगे प्रशिक्षित

 

  • निशंक ने की निष्ठा कार्यक्रम की शुरुआत

नई दिल्ली। देश में नई पीढी को किताबी ज्ञान से अलग व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करने तथा उनकी विचार शक्ति को रचनात्मक बनाने के लिये केन्द्रीय मानव संसाधन विकास म़ंत्रालय ने अपनी तरह के एक अनोखे अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम निष्ठा की शुरुआत की है। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने आज एक समारोह में निष्ठा कार्यक्रम की शुरुआत की। 
     मानव संसाधन मंत्रालय के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह के दौरान केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि अध्यापक ही देश को विश्व में शिखर तक पहुंचाने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि भारत विश्व गुरु था,​विश्व गुरु है और विश्व गुरु रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत के गुरुओं ने विश्व को हमेशा रास्ता दिखाया है। भारत समूचे विश्व को एक परिवार की तरह देखता है जबकि बाकी देश ​विश्व को बाजार की तरह देखते हैं। उन्होंने कहा कि जहां परिवार होता है वहां प्यार होता है और जहां बाजार होता है वहां प्यार होता है।
     स्कूल शिक्षा सचिव रीना रे ने निष्ठा कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज परीक्षा में छात्र छात्राएं अच्छे अंक तो प्राप्त कर लेते हैं लेकिन उनमें स्किल की कमी होती है। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित हो गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को किताबों से कुछ अलग कर बच्चों को व्यवहारिक व रचनात्मक रूप से सबल बनाने के लिये ही इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई है जिसके तहत देश भर के 42 लाख​ शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जायेगा।