शिक्षक तैयार करें दुनिया को ज्ञान बांटने वाली पीढ़ी : निशंक
 
  • भारत के पास दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता : निशंक
  •  राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद  के नए भवन का उद्घाटन  
 
 
 
नई दिल्ली । केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि भारत के पास दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अन्य देशों के लिये वि एक बाजार है लेकिन भारत के लिवे विश्व एक परिवार है। उन्होंने शिक्षक वर्ग से आहवान किया कि भारत की मूल जड़ों के बल पर वह पुन: भारत को विश्व गुरू के रूप में प्रतिष्ठित करने में अपनी भूमिका निभायें। 
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक आज द्वारका में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद एनसीटीई के नये भवन का उदघाटन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में शामिल होने के लिये वह एयरपोर्ट मेट्रो  के जरिए द्वारका पहुंचे। इस दौरान एनसीटीई की  अध्यक्ष डा.सतबीर बेदी ने निशंक का स्वागत करते हुए परिषद की नई योजनाओं की जानकारी  दी। समारोह को संबोधित करते हुए निशंक ने कहा कि  हमारे जीवन मूल्य हमारी पहली आधारशिला है। हमें अपनी जड़ों को नहीं छोड़ना होगा और जड़ों के बल पर ही फिर से विगुरु बनना होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने ज्ञान विज्ञान ही नहीं बल्कि प्रत्येक क्षेत्र में दुनिया को रास्ता दिखाया है।
उन्होंने कहा कि पाश्चत्य देशों ने विश्व में केवल भौतिक संपदा को देखा लेकिन भारत ने भौतिक संपदा को केवल साधन माना। उन्होंने कहा कि शिक्षा न केवल भौतिक समृद्धि उत्पन्न करने का माध्यम होनी चाहिए बल्कि शिक्षा के माध्यम से अगली पीढ़ी के लिए सांस्कृतिक मूल्यों और गौरव का संचार भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज  दुनिया भर में भारत की बताई चीजों पर शोध हो रहा है और दुनिया के देश हमारी चीजें हमें ही दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में वह क्षमता है कि वह दुनिया को कुछ दे सके और नेतृत्व कर सके। उन्होंने शिक्षकों से आहवान किया  कि  सकारात्मक सोच के साथ ऐसी पीढ़ी तैयार करें जो दुनिया को ज्ञान बांट सके। उन्होंने कहा कि चन्द्रगुप्त तो बिखरे  हैं जरूरत ऐसे चाणक्य की है जो उनकी ऊर्जा को सही दिशा दे सकें। 
एनसीटीई की अध्यक्ष डा.सतबीर बेदी ने कहा कि भारत में शिक्षा  को  बहुत चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि एनसीटीई शिक्षकों व शिक्षा को दिशा देने के लिये संकल्पबद्ध है ताकि भारत एक बार फिर अपने शिक्षकों की उत्कृष्टता के लिये जाना जाये और दुनिया में शिक्षकों के प्रमुख निर्यातक के रूप में उभरे। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के कौशल को उन्नत करने के लिये एनसीटीई ने कई पाठयक्रम को उन्नत करने के साथ साथ कई नई पहल शुरु की हैं। एनसीटीई के सदस्य  सचिव संजय अवस्थी तथा आल इंडिया एसोसिएशन आफ प्राइवेट कालेज के अध्यक्ष अशोक व्यास व अरविंदो सोसायटी के सदस्य सम्भ्रांत शर्मा ने भी समारोह को संबोधित किया। इस दौरान निशंक ने शिक्षक-विद्यार्थी पंजीकरण के एक पोर्टल की शुरुआत करने के साथ साथ नवाचार पाठशाला पर एक एप भी लांच किया।