लोकसभा में उठा वि भारती विवि की बदहाली का मामला

 

नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन स्थित वि भारती यूनिवर्सिटी में शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की कमी और फीस में बढ़ोतरी का मामला मंगलवार को लोकसभा में उठा तथा इस बारे में तत्काल कदम उठाने की मांग प्रधानम़ंत्री से की गयी। 

    राज्य की बोलपुर संसदीय सीट से तृणमूल कांग्रेस के असित कुमार मल ने शून्यकाल में यह मसला उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले लंबे समय से शिक्षकों की भर्ती रुकी हुई है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि गैर-शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती भी पिछले करीब 19 महीने से नहीं हुई है, जिससे प्रयोगशालाओं में भी प्रायोगिक कायरें में अवरोध हो पैदा हो रहा है। 

श्री मल ने कहा कि हाल के वर्षों में फीस में भी काफी वृद्धि हुई है, जिससे गरीब छाों को कठिनाइयों को सामना करना पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी परिसर में स्थित अस्पताल भी बदहाली का शिकार है, जिससे छाों और कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। 

     तृणमूल कांग्रेस सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं, इसलिए हम उनसे मांग करते हैं कि वह इस मामले में विस्तृत अध्ययन करके जल्द से जल्द ठोस कदम उठायें।