बच्चों के व्यवहार में दिखे असामान्य बदलाओं को नज़रअंदाज़ न करें   : डॉ. शोभा विजेंद्र 

 

 संपूर्णा सेंटर, रोहिणी में चल रहे "प्रशिक्षित समाजिक कार्यकर्ता सर्टिफिकेट कोर्स" के तीसरे और अंतिम दिन दिल्ली बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री आर.के. महावीर ने बताया कि बाल कल्याण समिति बच्चों से जुड़ी हर प्रकार की समस्या को दूर करती है। बच्चों से जुड़ी अगर किसी भी प्रकार की कोई समस्या है तो आप बाल कल्याण समिति के दफ्तर जाकर सहायता लें ताकि बच्चों की सुरक्षा और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। वहां पर उपस्थित प्रतिभागियों ने बच्चों से जुड़ी अनेक समस्याओं के बारे में प्रश्न कर उनके समाधान हेतु जानकारी ली। 

डॉ. महेश शर्मा, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी, दिल्ली सरकार ने कहा कि आज भी दिल्ली की सड़कों पर लगभग 2 लाख बच्चे ऐसे घूम रहे हैं जो या तो किसी कारण से घर छोड़ कर आ गए हैं या किसी ने उनको उठाकर यहां छोड़ दिया है। इससे भी बुरी बात ये है कि इनमें से अधिकतर बच्चे नशे का शिकार हैं। हम सभी की जिम्मेवारी है कि इन बच्चों को भी उनके मूल अधिकार सुनिश्चित करवाएं। आम नागरिक के साथ-साथ सामाजिक संस्थाए भी इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

अधिवक्ता संदीप सहाय ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े "किशोर न्याय अधिनियम, 2015"  के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक सर्वे के माध्यम से पता चला है कि शारीरिक शोषण से संबंधित मामलों में 53% केस बच्चों से जुड़े होते हैं और जिनमें से 94% केसों में यह पाया गया है कि इन केसों में अपराधी, बच्चे के घर से ही होता है। इसलिए यह गंभीरता से सोचने का विषय हैं कि बच्चे अपनेघर में ही सुरक्षित नहीं है। अतः केवल कानूनों के बादलों और सख्त सजा से समाधान सम्भव नहीं है बल्कि इसके लिए जरुरी है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज की सोच बदली जाएँ और लगातार जागरूकता अभियानों के जरिये बच्चों को भी संवेदनसील स्पर्शों के बारे में जानकारी दी जाये।

कोर्स के समापन पर सम्पूर्णा संस्था की संस्थापका अध्यक्षा डॉ. शोभा विजेंद्र ने कहा कि मां-बाप की जिम्मेवारी ओर अधिक बढ़ जाती है जब किसी बच्चे के व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखाई देते हैं। ऐसे समय पर माँ-बाप को बच्चे की वास्तविक समस्या को जानना चाहिए और उस पर विशेष ध्यान देकर उसका समाधान करना चाहिए। माँ-बाप ऐसा करके बच्चे द्वारा घर छोड़कर जाने जैसी असामान्य स्थिति पैदा होने से रोक सकते हैं। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा व बाल कल्याण समिति से जुड़ी जानकारियां दी। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी अनेक हेल्पलाइन नम्बर, विभागों, मुख्य अधिकारियों और उनके दफ्तरों से सम्बंधित जानकारी भी वहाँ पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों को उपलब्ध करवाई। अंत में शोभा विजेंद्र ने कोर्स पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये और सभी से अनुरोध किया कि वे इस कोर्स से मिली जानकारी से समाज में दूसरों की सहायता कर एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान जरूर दें।