दूरस्थ शिक्षा की  साख व  विश्वसनीयता बढाई जाये : निशंक

उच्च शिक्षा शिक्षकों के अनिवार्य प्रशिक्षण का हो ढांचा तैयार 
 
नई दिल्ली । केन्द्रीय मानव संसाधन विकास  मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम शिक्षा से वंचित लोगों तक पंहुचने का एक बेहतर माध्यम है। उनहोंने दूरस्थ शिक्षा की साख और  विश्वसनीयता बढ़ाने के लिये जहां अधिकारियोंको  कठोर कदम उठाने के निर्देश दिये वहीं उच्च शिक्षा में शिक्षकों के अनिवार्य प्रशिक्षण का ढांचा  तैयार करने के निर्देश दिये। 
केंद्रीय मानव  संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक आज ने अधिकारियों के साथ दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम, रूसा  और डिजिटल पहलों की समीक्षा की और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर बल दिया।  बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम शिक्षा से वंचित लोगों तक पंहुचने का एक बेहतर माध्यम है किंतु इन संस्थानों की साख बहुत अच्छी नहीं है। इन संस्थानों की डिग्री की महत्ता भी कम है। हमें इनकी साख और विसनीयता बढ़ानी है और इसके लिए यूजीसी द्वारा जारी दिशा निर्देशों को सख्ती से पालन करवाना होगा। मंत्रालय को इसके लिए कठोर कदम उठाने होंगे।  उन्होंने दूरस्थ शिक्षा वििद्यालयों की शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, शिक्षकों की कमी की पूर्ति करने एवं डिग्री की महत्ता बढ़ाने के निर्देश दिये।
उन्होंने मंत्रालय के अधीन चल रही विभिन्न डिजिटल पहलों की भी समीक्षा की। मंत्रालय के अधिकारियों ने मंत्री जी को स्वयं , स्वयं प्रभा, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी   और आपरेशन डिजिटल बोर्ड की गतिविधियों और प्रगति के बारे में जानकारी दी। निशंक ने सभी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में और अधिक गति लाने पर बल दिया। इस दौरान उन्होंने  रूसा  कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की एवं इसके और अधिक बेहतर क्रियान्वन का निर्देश किया। उन्होंने उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार करने हेतु उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के अनिवार्य प्रशिक्षण के लिए अधिकारियों को ढांचा तैयार करने का भी निर्देश दिया।