जन्म से पूर्व ही शुरु हो गई थी नृत्य यात्रा : डा.सोनल मानसिंह

नई दिल्ली। विश्वविख्यात नृत्यांगना पदमश्री डा. सोनल मानसिंह का कहना है कि उनकी नृत्य यात्रा उनके जन्म से पूर्व ही शुरु हो गई थी। उन्होंने बताया कि उनके जन्म से पूर्व ही उनकी माता ने अपनी भावी संतान को नृत्य में पारंगत करने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि मां के आशीर्वाद से ही उन्होंने नृत्य के क्षेत्र में आगे बढने की प्रेरणा मिली।
       विश्वविख्यात नृत्यांगना तथा पदमश्री पुरुस्कार सहित अनेक पुरुस्कारों से सम्मानित डा.सोनल मान सिंह अपनी 76वीं सालगिरह के अवसर पर कमानी सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित कर रही थी। इस कार्यक्रम की शुरुआत 40 छात्राओं द्वारा शंखनाद, सरस्वती व गुरु वंदना तथा वैदिक शलोकों से हुई। इस दौरान प्रख्यात फिल्म अभिनेत्री वहीदा रहमान, पदमश्री गायिका मालिनी अवस्थी, पदमश्री शोभादीपक सिंह, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय व सचिव डा.सच्चिदानंद जोशी, नृत्यांगना मोलिना सिंह, मनस्विनी रामचन्द्रन, सुमेधा सिंह, राजकुमार शर्मा, सपन मजूमदार, शुभेन्दू राव, इन्नी सिंह व कमल मोदी आदि तमाम गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में पहुंच कर डा.सोनल मानसिंह को उनके जन्मदिन पर बधाई दी।
     इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण डा.सोनल मानसिंह के जीवन से जुडी तमाम घटनाओं तथा उनकी यादगार प्रस्तुतियों पर आधारित आडियो वीडियो शो था जिसमें उनकी नृत्य साधाना को दर्शाये जाने के साथ साथ उनके जीवन के अत्यंत ही खास पलों को शामिल किया गया था। कार्यक्रम के दौरान डा.सोनल मानसिंह भी अपनी जीवनयात्रा को पर्दे पर देखकर भावुक हो गई। उन्होंने अपनी इस सफलता तथा साधना का श्रेय गुरु एवं मां को दिया।
     उन्होंने बताया कि उनके जन्म से पूर्व ही उनकी मां एक बार उदयशंकर जी का नृत्य देखने गई थी और वह उनके नृत्य से इतना प्रभावित हुई थी कि उन्होंने उसी दौरान अपनी भावी संतान को भी नृत्य विधा से रुबरू कराकर पारंगत बनाने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि मां के संकल्प से ही उनकी नृत्य यात्रा शुरु हुई और मां के आशीर्वाद व प्रेरणा से वह कदम कदम बढाकर आगे बढती गई।