एससी कमीशन ने डीयू के रजिस्ट्रार व अम्बेडकर कॉलेज प्रिंसिपल को भेजा नोटिस  
 
 *कॉलेज ने एडहॉक टीचर्स की पोस्ट को गेस्ट टीचर्स में तब्दील करने पर किया नोटिस 
 
*15 दिन में देना होगा जवाब।

     नई दिल्ली। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भारत सरकार के निदेशक ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार व अम्बेडकर कॉलेज के प्रिंसिपल को एडहॉक टीचर्स की पोस्ट को गेस्ट फैकल्टी में तब्दील करने पर उन्हें यह नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा है।।  

         आयोग ने यह नोटिस दिल्ली यूनिवर्सिटी एससी, एसटी, ओबीसी टीचर्स फोरम के महासचिव प्रो. के पी सिंह यादव द्वारा दायर याचिका पर संज्ञान लेते हुए कॉलेज प्रिंसिपल और डीयू रजिस्ट्रार को भेजे नोटिस में कहा है कि उन्हें फोरम के महासचिव का आध्यावेदन प्राप्त हुआ है और आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 क के अंतर्गत उसे प्रदत्त शक्तियों का अनुसरण करते हुए इस मामले का अन्वेषण/जांच करने को कहा है।साथ ही इस पत्र के प्राप्त होने के 15 दिन के अंदर डाक या स्वयं उपस्थित होकर तथ्यों तथा आरोपों/मामलों पर संबंधित सूचना प्रस्तुत करें।।  
  
              फोरम के महासचिव प्रो. के पी सिंह यादव ने बताया है कि आयोग ने अपने नोटिस में कहा गया है कि यदि नियत अवधि में आयोग को उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो वह भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 क के खंड (8)के अंतर्गत उसे प्रदत्त दीवानी अदालत की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है तथा व्यक्तिगत रूप से या प्रतिनिधि के माध्यम से आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए आपको समन जारी कर सकता है।।                                         प्रो. यादव ने आयोग में डाली दायर याचिका में उन्हें बताया था कि भीमराव अंबेडकर कॉलेज ने अपने यहां एडहॉक टीचर्स के पदों का जो विज्ञापन निकाला, उस विज्ञापन के अनुसार--हिंदी --4 एससी--2 ,एसटी--1,ओबीसी--1 पद के अलावा1 गेस्ट टीचर के लिए था।इसी तरह से सायकोलॉजी डिपार्टमेंट  और राजनीति विज्ञान विभाग में निकाले गए पदों को भी एडहॉक के स्थान पर उन्हें गेस्ट फैकल्टी के रूप में तब्दील कर दिया गया।