स्कूलों में टीचर्स ट्रेनिंग पर हो मुख्य फोकस : अनुराग त्रिपाठी

  • सीबीएसई सचिव अनुराग ने प्रधानाचार्यो को दिये टिप्स

नई दिल्ली। सीबीएसई चेयरमैन अनुराग त्रिपाठी का कहना है कि स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता के लिये स्कूलों को जहां टीचर्स ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए वहीं मूल्यपरक शिक्षा के साथ साथ स्किल एजुकेशन की तरफ भी ध्यान देना चहिए। उन्होंने एक एजुकेशन कान्क्लेव में प्रधानाचार्यो को शिक्षा की गुणवत्ता व मूल्यपरक शिक्षा को लेकर अनेक टिप्स दिये।
         सीबीएसई चेयरमैन अनुराग त्रिपाठी सोमवार की शाम एक पंचसितारा होटल में एडूडवाइस एवं उड़ान द सेंटर आफ थियेटर आर्ट एण्ड चाइल्ड डवलपमेंट द्वारा आयोजित एजुकेशन कान्क्लेव एवं अवार्ड समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान एनसीआरटी के सचिव मेजर हर्षकुमार विशिष्ट अतिथि रहे जबकि नेताजी सुभाष तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.जेपी सैनी ने समारोह की अध्यक्षता की। एक्शन कमेटी ऑफ अन एडेड रिकग्नाइज्ड स्कूल के महासचिव भरत अरोड़ा, एडूएडवाइस के संपादक मंडल के सदस्य मनन बुद्धिराजा, वेद टंडन, रोहित बजाज, एफोरडेबल स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्य लक्ष्य छाबरिया, अंशुल त्यागी, रविन्द्र यादव, आरके टंडन एवं अभिषेक गिरी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। सीबीएसई गवर्निंग बॉडी के चुनाव में विजयी प्रधानाचार्यो श्रीमती ज्योति अरोडा, श्रीमती वंदना टंडन तथा शैलेष चन्द्र को इस दौरान संस्था की ओर से सम्मानित किये जाने के साथ साथ बड़ी संख्या में स्कूलों के प्रधानाचार्यो को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यो के लिये सम्मानित किया गया। 
      कान्कलेव को संबोधित करते हुए अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि स्कूलों में शिक्षा के स्तर में बडे बदलाव की आवश्यकता हैं, उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों को शिक्षित किये जाने से पहले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना जरुरी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहनी चाहिए। उन्होंने बच्चो को मौजूदा समय में दी जा रही शिक्षा के साथ साथ वोकेशनल तथा स्किल डवलपमेंट का प्रशिक्षण की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों की मौलिक प्रतिभा का विकास करके ही बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जा सकता है।
            उन्होंने कहा कि स्कूल बच्चों को टॉपर बना रहे हैं, लेकिन जिस तरह समाज को लीडर चाहिए वे हमें नहीं मिल रहे। स्कूल को ज्ञान की जगह सीखने की कार्यशाला बनना चाहिए।  अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि बच्चों को बेहतर नागरिक बनाने के लिए अभिभावकों की भी बड़ी भूमिका है। अभिभावक बच्चों को दैनिक दिनचर्या में सिखाते हैं कि किस तरह बड़ों से व्यवहार करना है। उनमें अच्छी किताबें पढ़ने जैसी आदतें भी डालें। मेजर हर्ष कुमार ने भी अभिभावकों की भूमिका को प्रभावी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी बच्चों के भविष्य  निर्माण के लिए आगे आना चाहिए। 
      नेताजी सुभाष तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.जेपी सैनी ने शोधपरक व मूल्यरक शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय में इसकी शुरुआत करते हुए इसके लिये बजट भी आवंटित किया है। कानक्लेव के दौरान प्रधानाचार्यों और स्कूल प्रमुखों ने भी अनुराग त्रिपाठी के सामने अपनी समस्याएं और चुनौतियां रखीं। प्रधानाचार्य माउंट आबू ज्योति अरोड़ा ने करिकुलम में बदलाव सहित कई सुझाव दिए। आखिर में सीबीएसई सेक्रेटरी ने सभी स्कूल प्रमुखों से बदलाव के लिए सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि वह सभी के भेजे सुझावों पर विचार करेंगे। समारोह में एडु एडवाइस के निदेशक संजय टुटेजा ने भी शिक्षा जगत में हो रहे तमाम बदलावों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर एक्शन कमेटी ऑफ अन एडेड रिकग्नाइज्ड स्कूल के अध्यक्ष एसके भट्टाचार्य को लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया।