नीट परीक्षा में शून्य अंक हासिल करने पर छात्रा पहुंची हाईकोर्ट

 

मुंबई। नीट परीक्षा में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की मूल्यांकन प्राणाली पर सवाल उठने लगे हैं। नीट परीक्षा 2020 में 720 में से शून्य अंक हासिल करने वाली एक छात्रा ने एनटीए की मूल्यांकन प्राणाली पर सवाल उठाते हुए बोम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
       
छात्रा की ओएमआर शीट भी अपलोड नहीं
        बोम्बे हाईकोर्ट में इस संबध में दायर की गई एक याचिका में छात्रा का पक्ष रखते हुए  एडवोकेट अश्विन देशपांडे ने कहा कि छात्रा के बारहवीं में 81.85 फीसदी नंबर आए थे। छात्रा को नीट में कम से कम 600 नंबर लाने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि एनटीए की तरफ से छात्रा की ओएमआर शीट भी अपलोड नहीं की गई है। उसे 720 में से शून्य नंबर दिए गए हैं। याचिका में एनटीए की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणीली में खामियों की बात की गई है।
      छात्रा का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने एनटीए से जवाब मांगा है और स्पष्ट करने को कहा है कि छात्रा की ओएमआर शीट अपलोड की गई या नहीं। कोर्ट ने एनटीए से कहा है कि वह अगली सुनवाई तक स्पष्ट करे कि क्या छात्रा की ओएमआर शीट अपलोड की गई है या नहीं।  एक दूसरे मामले में नीट मार्कशीट में फेल हुआ छात्र संशोधित मार्कशीट के बाद एसटी कैटेगिरी में ऑल इंडिया टॉपर निकला है।