अगले वर्ष से चार साल की बीएड : जावड़ेकर 

  • सरकार ने बीए, बीएससी व बीकॉम को बीएड के साथ जोड़कर चार वर्ष की बीएड करने की योजना बनाई है : जावड़ेकर

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं लेकिन शिक्षण पेशे में उन्हीं लोगों को आना चाहिए जिनमें शिक्षण बनने का जुनून हो। उन्होंने कहा कि शिक्षक बनना जिनकी पहली पसंद है वही इस पेशे में आए। उन्होंने कहा कि शिक्षण को पहली पसंद चुनने वाले छात्रों के लिए ही सरकार ने बीए, बीएससी व बीकॉम को बीएड के साथ जोड़कर चार वर्ष की बीएड करने की योजना बनाई है।
        केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर बृहस्पतिवार से देश भर से आए केन्द्रीय विद्यालयों तथा नवोदय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में गुण ठूस ठूस कर भरे होते हैं, एक शिक्षक ही बच्चे में छिपे गुणों को पहचानता है और बच्चों को तराशता है। उन्होंने कहा कि जो सम्मान शिक्षक का है वह किसी भी पेशे में नहीं होता। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी भी काफी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं क्योंकि जैसे छात्रों का निर्माण शिक्षक करेंगे वैसा ही देश बनेगा। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नौकरी ढूंढ रहे युवाओं में शिक्षक बनना अंतिम पसंद होती है लेकिन सरकार चाहती है कि शिक्षक वही बनें जिनकी पहली पसंद शिक्षक बनना है। उन्होंने कहा कि शिक्षण जूनून का कार्य है और जिनमें शिक्षक बनने का जुनून है वही शिक्षक बनने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि सरकार यह व्यवस्था लागू करन्ने जा रही है कि मात्र 12वीं की परीक्षा पास करते ही यह तय कर लें कि उन्हें किस पेशे में जाना है। उन्होंने कहा कि मेडिकल व इंजीनियरिंग की पढ़ाई की तरह शिक्षक बनने के इच्छुक छात्रों के लिए अगले वर्ष से चार वर्ष की बीएड लागू की जाएगी और बीए, बीकॉम व बीएससी का पाठयक्रम बीएड पाठयक्रम में ही जोड़ा जाएगा। अपनी मां से मिली सीख का हवाला देते हुए उन्होंने प्रधानाचायरे से आह्वान किया कि वह कभी भी तुलना न करें, तुलना करने से दुख होता है। तुलना करनी है तो गुणों के लिए अच्छे गुणों वालों से अपनी तुलना करें और परिस्थिति के लिए अपने से नीचे वालों को देख कर तुलना करें। उन्होंने शिक्षकों से आहवान किया कि वह अपने व्यवहार को आदर्श बनायें।