नर्सरी दाखिले में दिव्यांग छात्रों की अधिकतम आयु बढ़ी

नर्सरी, केजी और पहली कक्षा में दाखिले को अधिकतम आयु सीमा नौ वर्ष व न्यूनतम आयु सीमा क्रमश: तीन, चार व पांच वर्ष है

नई दिल्ली । मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में दिव्यांग छात्रों के लिए निर्धारित तीन प्रतिशत सीटों पर दाखिले की अधिकतम आयु सीमा बढ़ा दी गई है। सरकार की ओर से शुरू की गई आरंभिक कक्षाओं की केंद्रीयकृत ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया में अब इस वर्ग के नौ वर्ष तक के छात्र हिस्सा ले सकते हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से शुद्धिपत्र जारी कर कहा गया है कि दिव्यांगों के लिए दाखिले में अधिकतम आयु सीमा दिव्यांग जनों के अधिकार अधिनियम-2016 के तहत तय की जाएगी। इसके तहत नर्सरी, केजी और पहली कक्षा में दाखिले को अधिकतम आयु सीमा नौ वर्ष तय की गई है, वहीं न्यूनतम आयु सीमा क्रमश: तीन, चार व पांच वर्ष तय है, जबकि ईडब्ल्यूएस व डीजी वर्ग के बच्चों के लिये नर्सरी, केजी और पहली कक्षा में दाखिले की अधिकतम आयु सीमा क्रमश: पांच, छ: और सात वर्ष निर्धारित है। आयु की गणना मार्च की अंतिम तिथि के आधार पर की जाएगी। बता दें कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में निर्धारित 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिला प्रक्रिया एक साथ आयोजित की जाती है, इसमें से 3 प्रतिशत दिव्यांग और बाकी 22 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर व वंचित वर्ग के लिये आरक्षित होती है। इस 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों के लिए दाखिला प्रक्रिया 15 जनवरी से शुरू हुई थी जिसके तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 फरवरी है। वहीं पहली कंप्यूटराइज्ड ड्रा 21 फरवरी को जारी किया जाएगा।