डिफॉल्टर स्कूल्स पर पहली लिस्ट के बाद होगा ऐक्शन

नई दिल्ली 
नर्सरी ऐडमिशन को लेकर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा निदेशालय का ऐक्शन अब तक अटका है। शिक्षा निदेशालय का इरादा है कि पहली लिस्ट आने के बाद ही इन स्कूलों पर ऐक्शन लिया जाएगा। शिक्षा निदेशालय का कहना है कि जिन स्कूलों ने ऐडमिशन क्राइटेरिया शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट में नहीं डाला है उन्हें हमने ऐडमिशन करने से रोका है, मगर वो इसे मान रहे हैं या नहीं, यह पहली ऐडमिशन लिस्ट आने के बाद ही पता चलेगा। मगर शिक्षा निदेशालय की इस देरी से वे पैरंट्स फंस सकते हैं, जिन्होंने इन स्कूलों में अप्लाई किया है। ये स्कूल पहली लिस्ट निकालते हैं और शिक्षा निदेशालय इनके खिलाफ ऐक्शन लेता है, तो उन बच्चों के पैरंट्स को दूसरा ऑप्शन खोजना पड़ेगा और उनकी फीस भी फंस सकती है। 

43 स्कूलों ने ऐडमिशन क्राइटेरिया की जानकारी नहीं दी 
प्राइवेट स्कूल नर्सरी ऐडमिशन किन आधार पर कर रहे हैं, यह स्कूलों को सिर्फ पैरंट्स को ही नहीं बल्कि शिक्षा निदेशालय को भी बताना था। मगर निदेशालय की चेतावनी के बावजूद 43 स्कूलों ने ऐडमिशन क्राइटेरिया की जानकारी निदेशालय की वेबसाइट में नहीं डाली। 15 दिसंबर से ऐडमिशन प्रोसेस शुरू हो गया है। 7 जनवरी को जनरल सीटों पर ऐडमिशन की लास्ट डेट थी मगर फिर भी 33 स्कूलों के ऐडमिशन क्राइटेरिया वेबसाइट पर नहीं अपलोड हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि डिफॉल्टर स्कूलों को शोकॉज नोटिस भेजे गए हैं, जिनमें से कुछ स्कूलों के जवाब मिले हैं। अगर क्राइटेरिया अपलोड ना करने की इनकी वजह वाजिब लगती है, तो इन्हें चेतावनी देते हुए ऐडमिशन करने की इजाजत दे दी जाएगी। 

4 फरवरी को आएगी पहली ऐडमिशन लिस्ट 
एजुकेशन डायरेक्टर संजय गोयल का कहना है, यह काम प्रोसेस में है। ऐडमिशन तो अब भी रोका गया है, मगर स्कूल ऐडमिशन कर रहे हैं या नहीं, यह हमें अभी पता नहीं है। अभी हमारा फोकस ईडब्ल्यूएस कैटिगरी के ऐडमिशन पर है। 4 फरवरी को पहली ऐडमिशन लिस्ट आने पर ही पूरी जानकारी मिलेगी। कोई भी उल्लघंन करने वाला डिफॉल्टर स्कूल हर हालत में हमारी पकड़ में आएंगे क्योंकि ये हमारे रडार में हैं। मगर अगर पहली ऐडमिशन लिस्ट आने के बाद शिक्षा निदेशालय स्कूलों को ऐडमिशन करने से रोकता है, तो पैरंट्स मुसीबत में फंस जाएंगे। 

क्राइटेरिया अपलोड न करने वाले स्कूलों का ऐडमिशन रोका जाएगा 
इससे पहले एजुकेशन डायरेक्टर का कहना है कि जिन स्कूलों ने ऐडमिशन क्राइटेरिया अपलोड नहीं किए हैं, उनके ऐडमिशन प्रोसेस पर रोक है। अगर ये स्कूल इसके बावजूद ऐडमिशन करते हैं तो दिल्ली स्कूल एजुकेशन ऐक्ट एंड रुल्स 1973 के तहत इन पर ऐक्शन लिया जाएगा। हालांकि, पैरंट्स को भी आगाह किया गया था कि वे इन स्कूलों में ऐडमिशन ना लें मगर इस स्कूलों की जानकारी निदेशालय ने लंबे अरसे तक नहीं दी गई।