एडहॉक शिक्षकों के समायोजन का फोरम ने दिया समर्थन।

  • केंद्र सरकार केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए समायोजन पर लाए जल्द अध्यादेश।
  • समायोजन करते समय केंद्र सरकार की आरक्षण नीति का ध्यान रखा जाए।एससी, एसटी, ओबीसी कोटे के उम्मीदवारों को मिले आरक्षण का लाभ

                    फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फ़ॉर सोशल जस्टिस ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के एडहॉक शिक्षकों द्वारा आर्ट्स फैकल्टी, नार्थ कैम्पस के गेट पर शिक्षकों के समायोजन को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों की मांग का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से इस पर तुरंत अध्यादेश लाने की मांग की है।

                       फोरम के चेयरमैन और दिल्ली यूनिवर्सिटी की एकेडेमिक कांउन्सिल के मेम्बर प्रो. हंसराज 'सुमन 'ने रविवार को एडहॉक शिक्षकों द्वारा की जा रही समायोजन के मुद्दे को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का समर्थन किया है।शिक्षकों/ एसी, ईसी व डूटा सदस्यों से उनके विचार जानने के लिए विशेष  रजिस्टर रखा गया है। रजिस्टर में अपने विचार  भी रखें।उनका कहना है कि केंद्र सरकार जब भी समायोजन पर कोई नीति लेकर आए तो उसमें आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों का भी ध्यान रखा जाए ताकि लंबे समय से एससी, एसटी, ओबीसी व विक्लांग शिक्षकों के पदों को केंद्र सरकार की आरक्षण नीति के तहत नहीं भरा गया है।

                प्रो. सुमन ने बताया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में एससी/एसटी के उम्मीदवारों का आरक्षण 2 जुलाई 97 से लागू किया गया है लेकिन उसे अमलीजामा पहनाने में कई वर्ष लगे।इसी तरह से ओबीसी आरक्षण को 21 मार्च 2007से लागू करते हुए पदों को भरना था लेकिन 2013 के बाद से इन पदों को भरना शुरू किया गया।उन्होंने बताया है कि एससी, एसटी पदों को भरने के लिए 40 पॉइंट रोस्टर लागू कर बैकलॉग और शॉटफाल पदों को भरने के बाद 200 पॉइंट पोस्ट बेस रोस्टर लागू किया जाना था ,मगर 13 पॉइंट रोस्टर लागू करके पदों को भरा गया।इससे एससी, एसटी, ओबीसी कोटे के उम्मीदवारों का आरक्षण आज तक पूरा नहीं हुआ।

                   प्रो. सुमन ने बताया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पिछले एक दशक से  डीयू के विभागों में एडहॉक, टेम्परेरी, गेस्ट फैकल्टी आदि के आधार पर पढ़ा रहे हैं।शिक्षकों की स्थायी नियुक्तियों के लिए अनेक बार कॉलेजों/विभागों ने सहायक प्रोफेसर के पदों के विज्ञापन निकाले गए। कॉलेजों द्वारा अप्रैल/मई/जून --2017 में  45 कॉलेजों ने अपने यहाँ जो विज्ञापन निकाले उसमें सामान्य--992 ,एससी--296,एसटी--154 ,ओबीसी--495,पीडब्ल्यूडी--75,इस तरह से कुल --2047 पदों के विज्ञापन निकाले गए।इसी तरह से विभागों में सहायक प्रोफेसर--378,एसोसिएट प्रोफेसर--399 ,प्रोफेसर--153 के पदों की डीयू ने स्क्रीनिंग और स्कूटनी होने के बाद 4लाख 11 हजार उम्मीदवारों ने 62 विषयों में आवेदन किया।

सरकार समायोजन पर जल्द अध्यादेश लाए---प्रो.सुमन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि देशभर के 813 विश्वविद्यालयों में लाखों शिक्षक पिछले एक दशक से एडहॉक, टेम्परेरी, कंट्रक्चुअल, गेस्ट फैकल्टी में पढ़ा रहे हैं।अनेक बार विज्ञापन निकाले जाने के बाद भी पदों को भरा नहीं गया।इसलिए इन पदों का समायोजन करने के लिए सरकार जल्द से जल्द अध्यादेश लेकर आए।

समायोजन करते समय आरक्षण नीति का पालन हो--प्रो. सुमन का कहना है कि जब भी दिल्ली विश्वविद्यालय एडहॉक शिक्षकों का समायोजन करें तो केंद्र सरकार की आरक्षण नीति का सही ढंग से पालन किया जाये।उन्होंने मांग की है कि एससी--15,एसटी--7:5और ओबीसी--27 फीसदी आरक्षण देते हुए, सभी श्रेणियों का बैकलॉग व शॉर्टफाल का ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि सामाजिक न्याय के सिद्धांत का सही से पालन हो।

                  उन्होंने बताया है कि शिक्षकों के समायोजन के लिए एडहॉक शिक्षक पिछले तीन दिन के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, उन्हें हर राजनैतिक दल के शिक्षक संगठन का समर्थन मिल रहा है।वे पिछले तीन दिन के लगातार जाकर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं और कह रहे हैं कि सरकार को एडहॉक शिक्षकों के सामने झुकना पड़ेगा।