चित्रा मुद्गल व रहमान को साहित्य अकादमी पुरस्कार
कुल 4 लेखकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार का एलान
 
  नयी दिल्ली। साहित्य अकादमी ने अपने प्रतिष्ठित वाषिर्क पुरस्कारों की बुधवार को घोषणा की। अकादमी ने हिन्दी में चित्रा मुद्गल, अंग्रेजी में अनीस सलीम, उर्दू में रहमान अब्बास, संस्कृत में रमाकांत शुल्क और पंजाबी में मोहनजीत समेत कुल 24 भारतीय भाषाओं के लेखकों को साहित्य अकादमी पुरस्कार देने का ऐलान किया। 
अकादमी के सचिव के श्रीनिवास राव ने यहां पत्रकारों को बताया कि इस बार सात कविता-संग्रहों, छह उपन्यासों, छह कहानी संग्रहों, तीन आलोचनाओं और दो निबंध संग्रहों का चयन प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया गया है। उन्होंने बताया कि हिन्दी में लेखिका चित्रा मद्गल को उनके उपन्यास ‘पोस्ट बॉक्स नं. 203-नाला सोपारा’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा जाएगा, जबकि अंग्रेजी में अनीस सलीम को उनके उपन्यास ‘ द ब्लाइंड लेडीज़ डीसेंडेंट्स’ के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।                                 राव ने बताया कि उर्दू में उपन्यास ‘रोहज़िन’ के लेखक रहमान अब्बास जबकि संस्कृत में कविता संग्रह ‘मम जननी’ के लिए रमाकांत शुक्ल को साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्होंने बताया कि पुरस्कारों की अनुशंसा 24 भारतीय भाषाओं की निर्णायक समिति ने की थी और अकादमी के अध्यक्ष डॉ चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में हुई अकादमी की कार्यकारी मंडल की बैठक में इन्हें बुधवार को अनुमोदित किया गया।
  सचिव ने बताया कि अगले साल 29 जनवरी से राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होने वाले विशेष समारोह में विजेताओं को पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये की राशि, एक उत्कीर्ण ताम्रफलक और शॉल प्रदान की जाएगी।
  राव ने बताया कि मैथिली में वीणा ठाकुर के कहानी संग्रह ‘परिणीता’, राजस्थानी में कवि राजेश कुमार व्यास के कविता संग्रह ‘ कविता देवै दीव’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मराठी में ‘सर्जनप्रेरणा आणि कवित्वेशोध’ (आलोचना) के लेखक म.सु. पाटिल को, बांग्ला में ‘श्रीकृष्णोर शेष कटा दिन’ (कहानी संग्रह) के लिए संजीव चट्टोपाध्याय को और गुजराती में निबंध संग्रह ‘विभाजननी व्यथा’ के लेखक शरीफा वीजलीवाला को प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
  राव ने बताया कि सिंधी में में खीमण यू. मुलाणी को ‘जिया में टांडा’ (कहानी संग्रह), बोडो में ऋतुराज बसुमतारी को ‘दोंसे लामा’ (कहानी संग्रह), डोगरी में इंद्रजीत केसर को ‘भागीरथ’ (उपन्यास), असमिया में सनंत तांती को ‘काइलेर दिनटो आमार ह’ब’ (कविता संग्रह), कन्नड़ में केजी नागराजप्पा को ‘अनुश्रेणी-यजामणिके’ (आलोचना), कश्मीरी में मुश्ताक अहमद मुश्ताक को ‘आख’ (कहानी’ संग्रह) और कोंकणी में परेश नरेंद्र कामत को ‘चित्रलिपी’ (कविता संग्रह) के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया जाएगा।
  उन्होंने बताया कि तमिल में, एस.रामकृष्णन को ‘संचारम’ (उपन्यास), तेलुगु में कोलकलुरी इनोक को ‘विमर्शिनी’ (निबंध), संताली में श्याम बेसरा ‘जीवी रारेक’ को ‘मारोम’ (उपन्यास), ओड़िया में दाशरथि दास को ‘प्रसंग पुरूणा भावना नूआ’ (आलोचना), नेपाली में लोकनाथ उपाध्याय चापागाईं को ‘किन रोयौ उपमा’ (कहानी-संग्रह), मलयालम में एस. रमेशन नायर को ‘गुरुउपउर्णमी’ (कविता संग्रह) और मणिपुरी में बुधिचंद्र हैस्नाम्बा को ‘ड़मखैगी वाड़मदा’ (कहानी संग्रह) के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा जाएगा।