'कौआ चला हंस की चाल' ने दर्शकों को गुदगुदाया 
 
नई दिल्ली। आवरण आर्ट सोसायटी के तत्वाव्धान में  हास्य नाटक 'कौआ चला हंस की चाल' का मंचन किया गया। नाटक में कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से जहां दर्शकों को जमकर हंसाया वहीं सामाजिक ढांचे पर व्यंग्य भी किया।
      आवरण आर्ट सोसायटी के कलाकारों द्वारा गोल मार्केट स्थित मूक्तधारा सभागार में मंचित नाटक का निर्देशन    राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के स्नातक रहे राजेश तिवारी ने किया। नाटक का कथानक मिस्टर झुनझुन नामक एक ऐसे व्यक्ति के ईर्द गिर्द घूमता है जो सोसायटी के उच्च वर्ग में शामिल होने की चाह में अपनी धन दौलत को उड़ाता रहता है। नाटक में अभिनय की दृष्टि से मिस्टर झुनझुन की भूमिका में निखिल दवेदी,श्रीमती झुनझुनवाला की भूमिका में निधि गुप्ता,संता सचिन शर्मा, बंता बने प्रणव, डॉली की भूमिका में अदिति व मैरी बनी आकृति सक्सैना ने जहां सशक्त अभिनय किया वहीं डांस मास्टर बने विशाल कुमार सिंह, म्यूजिक मास्टर बने प्रहशस्त्र वर्धन,फाइट मास्टर बने मौहम्मद आदिल,दार्शनिक बने विष्णुशंकर तिवारी, दर्जी नदीम खान, दर्जी सहायक राकेश व सूरज, भाटिया की भूमिका में तरूण अरोड़ा, कूक्कू की भूमिका में सुधांशु श्रीवास्तव, बिटटू की भूमिका में सुमित कुमार तथा खैरगढ की राजकुमारी की भूमिका में रेनू गुप्ता ने भी अपनी भूमिका के साथ न्याय किया। 
            प्रिया, आकृति, उर्वशी, सुधांशु, समृद्ध,राकेश व नदीम नाटक के अन्य कलाकार रहे। नदीम आलम, प्रभांश रंजन व प्रणव ने नाटक के अनुकूल मंच सज्जा की जबकि  आकृति सक्सेना तथा मौहम्मद अली ने वेशभूषा से पात्रों को जीवंत बनाया।इन्द्र त्रिपाठी, विशाल कुमार सुधांशु श्रीवास्तव व सुभाष यादव का भी नाटक को सफल बनाने में विशेष योगदान रहा। कुल मिलाकर निर्देशक राजेश तिवारी नाटक 'कोआ चला हंस की चाल' के माध्यम से दर्शकों का स्वस्थ मनोरंजन करने में कामयाब रहे।