छात्राओं को पटाखे न जलाने की शपथ दिलाई
 
  नई दिल्ली। दिल्ली की आबोहवा को साफ सुथरा व पर्यावरण की सुरक्षता के लिए चलाये जा रहे हरित अभियान के तहत संरक्षण के तत्वाधान में जनक पुरी भारती कालेज के परिसर में दिल्ली विश्वविद्यालय के नान कालिजियेट की सैकड़ो छात्रओं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुये इस दिवाली के मध्यनजर पटाखे न जलाने की शपथ ली इस मौके पर छात्राओं, अध्यापिकाओं व कर्मचारियों ने पटाखों की जगह गुब्बारों को फोड़ कर इको दीवाली मनाई।
               संरक्षण के चेयरमैन संजय पुरी ने छात्रओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रकृति के साथ अनेक वषों से की जा रही छेड़छाड़ से पर्यावरण को हो रहे नुकसान को देखने के लिए अब दूर जाने की जरूरत नहीं है। विश्व में बढ़ते बंजर इलाके, फैलते रेगिस्तान, कटते जंगल, लुप्त होते पेड़-पौधे और जीव जंतु, प्रदूषणों से दूषित पानी, कस्बों एवं शहरों पर गहराती गंदी हवा और हर वर्ष बढ़ते बाढ़ एवं सूखे के प्रकोप इस बातके साक्षी हैं कि हमने अपनी धरती और अपने पर्यावरण की ठीक- देखभाल नहीं की । अब इसके होने वाले संकटों का प्रभाव बिना किसी भेदभाव के समस्त विश्व, वनस्पति जगत और प्राणी मात्र पर समान रूप से पड़ रहा है। आज पूरे विश्व में लोग अधिक सुखमय जीवन की परिकल्पना करते हैं।इस अवसर पर नान कालिजियेट की संयोजिका डॉ सनोली गुप्ता ने पर्यावरण को साफ सुथरा रखने के लिये संरक्षण NGO की ओर से चलाये जा रहे हरित अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि संजय पुरी का इस कालेज के साथ बहुत पुराना रिश्ता है और पर्यावरण के प्रति इन की समर्पण की भावना तारीफ के काबिल है। 
        पुरी ने बोलते हुए आगे कहा पर्यावरण प्रदूषण हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे की सामाजिक, शारीरिक, आर्थिक, भावनात्मक और बौद्धिक को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है। पर्यावरण का दूषितकरण कई रोगों को लाता है जिससे इंसान पूरी जिंदगी पीड़ित हो सकता है। यह किसी समुदाय या शहर की समस्या नहीं है, बल्कि ये पुरे दुनिया की समस्या है जो की किसी एक के प्रयास से खत्म नहीं हो सकता। अगर इसका ठीक से निवारण नहीं हुआ तो ये एक दिन जीवन का अस्तित्व खत्म कर सकता है। हर आम नागरिक को सरकार द्वारा शुरू की गयी पर्यावरण सुरक्षा कार्यक्रम में भाग लेना चाहिए।