आईआईटी को मिले रिसर्च के 500 करोड़ के प्रस्ताव
 
आईआईटी दिल्ली का 49वां दीक्षांत समारोह आज
संस्थान ने शोध व विकास के लिए कई विदेशी विविद्यालयों व संस्थानों से भी करार किया
दीक्षांत समारोह में कुल 378 छात्रों को पीएचडी की उपधि दी जाएगी 2060 छात्र छात्राओं को समारोह में डिग्री दी जाएगी उनमें 429 छात्राएं हैं तथा 1635 छात्र
 
नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली को चालू सत्र में शोध व विकास से संबधित लगभग 500 करोड़ के करीब 300 प्रस्ताव मिले हैं। पिछले वर्ष की तुलना में यह राशि दोगुने से भी अधिक है। संस्थान के निदेशक वी.रामगोपाल राव का कहना है कि संस्थान ने शोध व विकास के लिये कई विदेशी विविद्यालयों व संस्थानों से भी करार किया है और इस दिशा में आगे भी प्रयास जारी हैं।भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान दिल्ली के निदेशक वी.रामगोपाल राव ने शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए यह जानकारी दी। यह संस्थान शनिवार को अपना 49वां दीक्षांत समारोह आयोजित कर रहा है जिसमें 2064 छात्र छात्राओं को डिग्री प्रदान की जायेगी। राव ने बताया कि दीक्षांत समारोह में कुल 378 छात्रों को पीएचडी की उपधि दी जायेगी जिसमें 250 छात्र व 128 छात्राएं हैं। उन्होंने बताया कि जिन 2060 छात्र छात्राओं को समारोह में डिग्री दी जायेगी उनमें 429 छात्राएं हैं तथा 1635 छात्र हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान का प्रयास है कि अधिक से अधिक संख्या में छात्राएं आईआईटी दिल्ली में प्रवेश लें, इसके लिये संस्थान द्वारा छात्राओं की काउंसिलंग भी की जाती है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा शोध व विकास परियोजनाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है और इस दिशा में आगे बढ़ते हुए संस्थान ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स के साथ मिलकर भी काम शुरु किया है और 45 प्रस्तावों पर एक साथ काम करने का निर्णय लिया है जिनमें से 25 परियोजनाओं पर एम्स तथा आईआईटी दिल्ली के लोग मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय कि इसके अलावा आईसीएआर तथा अखिल भारतीय आयुव्रेद संस्थान के साथ भी विभिन्न परियोजनाओं पर काम करने के लिये आईआईटी दिल्ली ने एमओयू किया है। उन्होंने बताया कि संस्थान ने राजधानी दिल्ली के प्रमुख शोध संस्थानों के साथ मिलकर काम करने का निर्ण लिया है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में संस्थान को अभी तक 417.19 करोड की 282 शोध परियोजनाएं मिल चुकी हैं और वर्ष के अंत तक यह राशि लगभग 500 करोड़ हो जायेगी। आईआईटी दिल्ली के छात्र छात्राओं को नये स्टार्टअप के लिये प्रोत्साहित करने की योजना के बारे में उन्होंने कहा कि आईआईटी दिल्ली द्वारा स्टार्टटप कंपनी खोलने के इच्छुक छात्र छात्राओं को कंपनी खोलने में मदद के साथ साथ कंपनी के लिये आर्थिक सहयोग भी देने की योजना शुरु की है ताकि आईआईटी दिल्ली भी उनकी कंपनियों में भागीदार हो और भविष्य में जब कंपनियां आगे बढे तो इसका कुछ फायदा आईआईटी दिल्ली को भी मिले। उन्होंने बताया कि समस्याओं के समाधान से संबधित शोध को लेकर भी संस्थान ने काम शुरु किया है और इस तरह की परियोजनाओं के लिये 27 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को होने वाले दीक्षांत समारोह में राज्यसभा सदस्य सुश्री अनु आगा मुख्य अतिथि होंगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रेजीडेंशियल स्वर्ण पदक राजेश कुमार (बीटेक, मैकेनिकल इंजीनियरिंग) को तथा निदेशक स्वर्ण पदक सुश्री संजना गर्ग (बीटेक, केमिकल इंजीनियरिंग) और डॉ शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक एमटेक छात्र परीक्षित पारीक को दिया जायेगा।