डीयू में छात्राओं ने देर रात तक किया प्रदर्शन
छात्रावासों में बेरोकटोक आने जाने की मांग

दिल्ली। डीयू व कॉलेजों के छात्रावासों में बेरोक टोक आने-जाने व अन्य मांगों को लेकर छात्राओं ने बुधवार को कैम्पस में जमकर बवाल काटा। छात्राओं ने कला संकाय पर प्रदर्शन करते हुए आजादी के नारे लगाए। इसके बाद मार्च निकालते हुए चार कॉलेजों के गेटों पर गए और यहां के बंद गेटों को तोड़कर अंदर घुसे और नारेबाजी की। 
     दौरान खालसा कॉलेजों में गेट तोड़ने के दौरान दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। देर रात तक छात्राओं का प्रदर्शन जारी था। डीयू सूत्रों के अनुसार इस मामले में कॉलेजों द्वारा पुलिस में शिकायत होने की पूरी संभावना है।डीयू कैम्पस में दूसरी बार पिंजड़ा तोड़ संगठन के बैनर तले प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसका नेतृत्व पिंजड़ा तोड़ संगठन की नेत्री सुभाषिनी ने किया। प्रदर्शन में आइसा, एसएफआई, डीएसयू, केवाईएस, एआईडीएसओ व जेएनयू से जुड़ी छात्राएं शामिल हुई। छात्राओं ने इस दौरान हॉस्टल को लेकर कई मांगे रखीं। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने कला संकाय पर नारे लगाने के बाद मार्च शुरू किया। पहले छात्राएं सेंट स्टीफंस कॉलेज गई, जहां बंद गेट को धक्का देकर ताला तोड़ दिया और अंदर जाकर नारे लगाए।

                     इसके बाद हिन्दू कॉलेज में भी गेट तोड़कर अंदर घुसी। इसके बाद छात्राएं मार्च करती हुई रामजस कॉलेज गई और यहां भी गेट तोड़ने का प्रयास किया। यहां पर गेट एक सुरक्षाकर्मी पर गिरते-गिरते बचा। इसके बाद छात्राएं मिरांडा हाऊस कॉलेज गई और यहां भी गेट तोड़कर अंदर घुसीं और नारेबाजी की। इसके बाद छात्राएं खालसा कॉलेज गई और यहां भी अंदर घुसने के लिए धक्कामुक्की हुई। इस दौरान यहां दो सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गईं। छात्राओं की मांगों में डीयू व सम्बद्ध कॉलेजों व अन्य संस्थाओं में महिला छात्रावासों से समय व अन्य पाबंदियों के सभी नियम फौरन हटाना, छात्रावासों में 24 घंटे आने व जाने की अनुमति, छात्राओं के लोकल गार्जियन के नियम को रद्द करना, वार्डन द्वारा दैनिक हाजिरी की जगह गेट पर रजिस्टर रखवाना आदि शामिल हैं। इसके अलावा दिव्यांग छात्राओं के लिए एक नया छात्रावास स्थापित करना, मेस व हॉस्टल फीस में दिव्यांग छात्राओं को छूट दिया जाना, न्यूनतम दरों पर छात्रावासों की फीस लागू करना, हॉस्टल सीट का आवंटन जरूरत के आधार पर किया जाए न कि योग्यता के आधार पर, आरक्षण को पूरी तरह से लागू करना, पीजी छात्रावासों मे केन्द्रीयकृत दाखिला आदि भी शामिल हैं।