मैंने पिछले दो साल से अपना स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं किया : सर्वेश 

 

 चंडीगढ़, 11 जून :भाषा: आजकल ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चों के टीवी पर  कार्टून  देखने से परेशान हैं लेकिन प्रतिष्ठित आईआईटी-जेई परीक्षा टॉप करने वाले चंडीगढ़ के छात्र सर्वेश मेहतानी की सफलता कुछ और ही कहानी बयां करती है। टीवी पर  कार्टून  देखना, गाने सुनना और बैडमिंटन खेलना मेहतानी के लिए तनाव से मुक्ति पाने के मंत्र है।  कार्टून सर्वेश का कहना है कि मैने पिछले दो साल से अपना स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं किया ।
                      आईआईटी जेईई के आज घोषित हुए नतीजों में मेहतानी ने पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि अत्यंत प्रतिस्पर्धी इस परीक्षा में शीर्ष 10 में शामिल होना हमेशा उनका लक्ष्य था। मेहतानी के पिता आयकर विभाग में अधिकारी हैं।    सेना अधिकारी के बेटे आशीष वाईकर ने आईआईटी-जेई परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर सातवीं रैंक हासिल की है। वह पंचकुला के उसी निजी स्कूल का छात्र हैं जिसमें मेहतानी पढ़ता है।  यह पूछने पर कि क्या कभी उन्होंने इस परीक्षा का टॉपर बनने के बारे में सोचा था, इस पर मेहतानी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मैं हमेशा शीर्ष 10 में शामिल होना चाहता था।’’
                     यह पूछने पर कि तनाव से मुक्ति पाने के लिए वह क्या करते थे, इस पर मेहतानी ने कहा, ‘‘मैंने टीवी पर  कार्टून  देखे और गाने सुने। उपन्यास पढ़ने और बैडमिंटन खेलने ने भी मुझे शांत और एकाग्रचित बने रखने में मदद की।’’ मेहतानी की बड़ी बहन भी इंजीनियरिंग कर रही है। मेहतानी ने 12वीं कक्षा में 95.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने फिजिक्स और मैथ्स में 95 फीसदी अंक और कैमिस्ट्री में 97 फीसदी अंक हासिल किए। मेरा पसंदीदा विषय मैथ्स है।’ मेहतानी और वाईकर दोनों आईआईटी बंबई में कम्प्यूटर साइंस पढ़ना चाहते हैं।
                    सफलता के मंत्र के बारे में पूछे जाने पर मेहतानी ने कहा, ‘‘लक्ष्य को लेकर कड़ी मेहनत, सुनियोजित तरीके से पढ़ाई करना और एकाग्रचित रहना। मेरे जूनियर्स के लिए मेरा संदेश है कि शांत, सुनियोजित रहे और कड़ी मेहनत करें।  चंडीगढ़ के कई छात्रों ने इस साल नाम रौशन किया है। इनमें से दो लड़कियों भूमि सावंत, मन्नत लूथरा और आदित्य जैन के नाम सीबीएसई की 12वीं कक्षा के टॉपरों में शामिल हैं। तीनों छात्रों ने कहा था उन्होंने कड़ी मेहनत, समर्पण, प्रतिबद्धता और खुद को ‘‘सोशल मीडिया से दूर रखकर’’ लक्ष्य हासिल किया।
                  मेहतानी और वाईकर ने भी कहा कि वे पिछले कुछ वर्षों से सोशल मीडिया से दूर हैं। मेहतानी ने कहा, ‘‘मैंने पिछले दो साल से अपना स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं किया। मैं स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हुए पढ़ाई पर ध्यान नहीं लगा सकता था लेकिन जो कर सकते हैं उन्हें व्हाट्सएप और फेसबुक का इस्तेमाल करना चाहिए। पिछले दो वर्षों में मैं अपने ज्यादा शौक पूरे नहीं कर पाया। मैंने दोस्तों के साथ घूमना भी बंद कर दिया था।’’ यह पूछने पर कि रोज कितनी देर पढ़ाई की, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘स्कूल और निजी कोचिंग के अलावा मैंने पांच से छह घंटे पढ़ाई की। छुट्टी के दिन मैंने 8-10 घंटे पढ़ाई की होगी।’’ मेहतानी आमिर खान अभिनीत बॉलीवुड फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ से भी प्रेरित हैं।
                इंफोसिस के सह संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति को अपना आदर्श मानने वाले छात्र ने कहा, ‘‘जब मैं आठवीं कक्षा में था तब यह फिल्म रिलीज हुई। इस फिल्म के ज्यादातर चरित्रों ने मुझे प्रेरित किया।’’  उसके पिता परवेश मेहतानी आयकर अधिकारी हैं और मां आईटीआई पंचकुला में प्लेसमेंट अधिकारी हैं। अपने बेटे की सफलता से खुश परवेश ने कहा, ‘‘उसने हमेशा अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगाया।’’ उन्होंने अपने बच्चे पर अकादमिक सफलता के लिए दबाव डालने वाले अभिभावकों के लिए कहा, ‘‘बच्चों पर दबाव डालने से कुछ हासिल नहीं होगा। हमें अपने बच्चों को अपने सपने पूरे करने में मदद करनी चाहिए।’’ आईआईटी जेईई में अखिल भारतीय स्तर पर सातवां स्थान हासिल करने वाले आशीष वाईकर मूल रूप से महाराष्ट्र से हैं लेकिन वह पंचकुला में पढ़ते हैं क्योंकि उनके पिता कर्नल श्रीकांत वाईकर यहां तैनात हैं।   छात्र ने कहा कि कड़ी मेहनत और अध्यापकों के निर्देशों का पालन करने से उसे यह सफलता हाथ लगी।
               उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर हर दिन मैंने छह-सात घंटे पढ़ाई की।’’ अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों के बारे में वाईकर ने कहा, ‘‘मेरी बहन ने मेरे लिए फेसबुक प्रोफाइल बनाया था लेकिन मैंने कभी उसका इस्तेमाल नहीं किया। यहां तक कि मैं व्हाट्सएप का इस्तेमाल नहीं करता क्योंकि फोकस रहने में ये चीजें आपका ध्यान भटकाती है।’’ 
               संगीत से भी वाईकर ने अपना तनाव दूर किया।   वाईकर ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैंने हिंदी गाने सुने और मेरा पसंदीदा गायक अरिजीत सिंह है।’’  यह पूछने पर कि वह अपना आदर्श किसे मानते है तो वाईकर ने कहा, ‘‘मेरे आदर्श मेरे पिता है। अनुशासन, धैर्य, आत्मविास..उनमें ये गुण हैं जिनकी मैं प्रशंसा करता हूं।’’