आईजीएनसीए में ब्रज लीला महोत्सव का आयोजन
 
नई दिल्ली। जन्माष्टमी के अवसर पर इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आई.जी.एन.सी.ए.) दो दिवसीय “ब्रज लीला मोहत्सव” का भव्य आयोजन  किया । दो दिवसीय इस सांस्कृतिक आयोजन के पहले दिन दिन मथुरा से आए ब्रज लोककला फ़ाउंडेशन के कलाकारों ने बांसुरी वादन, मयूर नृत्य, ब्रज वंदना, ब्रज लोक नृत्य, दीप नृत्य, दान लीला, फूलों की झांकी आदि की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी।
           ब्रज लोककला फ़ाउंडेशन के कलाकारों ने लगभग 3 घंटे तक सभागार में मौजूद दर्शकों को अपनी झांकियों की प्रस्तुतियों से श्रीकृष्ण की लीलाओं को जीवंत कर दिया । प्रथम दिन के कार्यक्रम में ब्रज की प्रसिद्ध फूलों की होली में कलाकारों के साथ दर्शक भी खुद को झूमने से रोक नही पाये । ब्रज लीला महोत्सव के दूसरे दिन आई.जी.एन.सी.ए. के सभागार में श्रीकृष्ण के भजनो पर आधारित भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें जयपुर के सुप्रसिद्ध भजन गायक हुसैन बंधुओं उस्ताद अहमद हुसैन व मोहम्मद हुसैन ने भजनों की प्रस्तुति से श्रोताओं के मन मोह लिया।  
हुसैन बंधुओं ने अपनी प्रस्तुति का शुभारंभ लोकप्रिय गणेश वंदना "गाइये गणपति जगवंदना" से की। इसके बाद उन्होंने शिव स्तुति "भार चंद्र जटा...", दुर्गा वंदना "जय-जय जग जननी देवी, सरस्वती वंदना "शारदे जय हंस वाहिनी जयति  वीणा वादिनी" गायी । चूंकि कार्यक्रम कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित था अतः हुसैन बंधुओं ने इसके कृष्ण लीला से जुड़े भजनों की प्रस्तुति दी जिसमे श्रोताओं ने अपनी करतल ध्वनि से गायकों की ताल में ताल मिलाई  
हुसैन बंधुनो ने कृष्ण भक्ति पर आधारित भजनो की शुरुआत “कृष्ण जनम भयो आज” से की इसके बाद उन्होने “जै जै श्याम राधे श्याम, क्या क्या कहूँ मैं कृष्ण कन्हैया का बागपन” भजन की प्रस्तुति दी । 
            संगतकर्ताओं की तबले की थाप, पंडित अजय प्रसन्ना की कर्णप्रिय बांसुरी, सितार आदि ने भी श्रोताओं का मन मोह लिया । कार्यक्रम मे केंद्र की और से केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय, सदस्य सचिव डॉ सचचिदनंद जोशी, के अलावा कई अन्य गणमान्य आधिकारी व अतिथि मौजूद रहेे ।
      दो दिवसीय इस सांस्कृतिक आयोजन के पहले दिन दिन मथुरा से आए ब्रज लोककला फ़ाउंडेशन के कलाकारों ने बांसुरी वादन, मयूर नृत्य, ब्रज वंदना, ब्रज लोक नृत्य, दीप नृत्य, दान लीला, फूलों की झांकी आदि की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी। ब्रज लोककला फ़ाउंडेशन के कलाकारों ने लगभग 3 घंटे तक सभागार में मौजूद दर्शकों को अपनी झांकियों की प्रस्तुतियों से श्रीकृष्ण की लीलाओं को जीवंत कर दिया ।