गुजरात की तर्ज पर उत्तराख्ंड में भी स्कूलों पर लगेगी कानूनी लगाम

देहरादून, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने को एक्ट बनेगा। सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम समेत विभिन्न शिक्षा बोर्डो में शुल्क वृद्धि पर रोक लगाने के प्रावधानों का अध्ययन करेगी। इसके साथ ही गुजरात समेत अन्य राज्यों में इस संबंध में बने एक्ट का अध्ययन किया जाएगा।

अंग्रेजी माध्यम निजी स्कूलों में हर साल शुल्क वृद्धि समेत विभिन्न स्तर पर मनमानी को रोकने के लिए जल्द एक्ट बनाया जाएगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि एक्ट के जरिए निजी स्कूलों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जाएगा। अभी कानूनी प्रावधान नहीं होने से अभिभावकों की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में दिक्कतें पेश आ रही हैं। उन्होंने कहा कि शुल्क का निर्धारण बेहद आवश्यक है। निजी स्कूलों के लिए सालाना फीस की सीमा का फार्मूला तैयार किया गया है। कक्षा एक से पांचवीं तक सालाना 15 हजार रुपये, छठवीं कक्षा से नवीं तक 25 हजार और इसके बाद बारहवीं तक 30 हजार रुपये से ज्यादा फीस नहीं होनी चाहिए।

सरकार एक्ट के जरिए अपनी मंशा पर अमल करेगी। निजी स्कूलों की ओर से उत्पीड़न रोकने को गुजरात सरकार की ओर से एक्ट पारित किए जाने की जानकारी मिली है। इसके साथ ही केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में प्रचलित व्यवस्था का अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक्ट लागू करने में इच्छाशक्ति की कमी को आड़े नही आने दिया जाएगा। जल्द ही कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी एक्ट का मसौदा तैयार करेगी।