निजी स्कूलों में एनसीइआरटी की किताबें अनिवार्य होंगी

देहरादून । राज्य के निजी स्कूलों में एनसीइआरटी की किताबें लागू करने की सरकार ने ठान ली है। हालांकि, निजी स्कूलों में इसे लेकर हिचक बनी हुई है। खासतौर पर आइसीएसइ-आएससी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों ने एनसीइआरटी से अपना स्लेबस अलग होने का हवाला दिया है। निजी स्कूलों के रुख को देखते हुए शासन ने उनके साथ सहमति बनाने के लिए बैठकों का दौर जारी रखने का फैसला लिया है। अपर मुख्य सचिव शिक्षा डॉ रणबीर सिंह ने कहा कि सरकार निजी स्कूल संचालकों के साथ वार्ता जारी रख सहमति बनाने की कोशिश करेगी। अन्यथा एक्ट बनाकर समान व्यवस्था लागू करने का विकल्प राज्य सरकार के सामने खुला है।

अपर मुख्य सचिव शिक्षा डॉ रणबीर सिंह ने बताया कि एनसीइआरटी की किताबें लागू किए जाने के संबंध में निजी स्कूल संचालकों के साथ वार्ता की गई। उन्होंने बताया कि सीबीएसइ से संबद्ध निजी स्कूलों ने एनसीइआरटी की किताबें लागू करने पर सहमति दिखाई है। हालांकि, उनकी ओर से कुछ बिंदुओं पर हिचक बनी हुई है। सीबीएसइ से इतर आइसीएसइ और आइएससी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों ने एनसीइआरटी की किताबों को लागू करने पर असहमति जताई है। इस संबंध में उनका कहना है कि दोनों बोर्ड के स्लेबस अलग हैं। एनसीइआरटी के स्लेबस में उक्त बोर्ड का स्लेबस कवर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि एनसीइआरटी की किताबें लागू करने के बारे में सरकार की ओर से सहमति बनाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए स्कूल संचालकों के साथ बैठकें होंगी। सरकार अपना फैसला थोपने के पक्ष में नहीं है। सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार किए जाने के बाद ही कदम उठाया जाएगा। सरकार की कोशिश छात्रों और अभिभावकों का शोषण रोकने की है। निजी स्कूलों के साथ वार्ता के जरिए सहमति बनाने की कोशिश जारी रहेगी। इसके अतिरिक्त एक्ट बनाकर समान व्यवस्था लागू करने का विकल्प राज्य सरकार के सामने खुला है।

साभार जागरण