‘ज्वेलरी’, ‘घाट ऑफ बनारस’ व ‘अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्रोडकास्ट’ का विमोचन
 
 
नई दिल्ली। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में राज्य संस्कृति मंत्री, भारत सरकार (स्वतंत्र प्रभार) डॉ महेश शर्मा ने केंद्र द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकों ‘ज्वेलरी’, ‘घाट ऑफ बनारस’ व ‘अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्रोडकास्ट’ का विमोचन किया, पहली पुस्तक आभूषण के विज्ञान पर आधारित है तो दूसरी पुस्तक बनारस के घाटों पर केन्द्रित है तीसरी पुस्तक का प्रकाशन आई.जी.एन.सी.ए. ने भारत सरकार के प्रकाशन विभाग के सहयोग से किया है ।  
              पुस्तक विमोचन के इस सुअवसर पर माननीय मंत्री के अलावा, राजस्थान पत्रिका के मुख्य संपादक डॉ गुलाब कोठारी, प्रकाशन विभाग के श्री राजेंद्र सिंह, आई.जी.एन.सी.ए. के अध्यक्ष श्री राम बहादुर राय, व सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद के अलावा देश के गणमान्य संस्कृति कर्मी, लेखक, पत्रकार आदि मौजूद थे। 
 
पुस्तकों का विमोचन करते हुये डॉ महेश शर्मा ने कहा कि “ज्वेलरी केवल मात्र पहनावा नही है, इसके पीछे विज्ञान भी छिपा है जिसको डॉ गुलाब कोठारी ने इस पुस्तक के माध्यम से बखूबी  समझाया है, मुझे आशा है कि हमारी युवा पीढ़ी इस पुस्तक के माध्यम से लाभान्वित होंगे। डॉ कोठारी इस पुस्तक के लेखन के लिए कई पीढ़ियों तक धन्यवाद के पात्र रहेंगे।’ प्रतापनन्द झा जी के बनारसके घाटों पर शोध के आधार पर तैयार दूसरी पुस्तक ‘घाट ऑफ बनारस’ वाकई एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, बनारस न केवल देश का विश्व भर के कला व संस्कृति मनीषियों का केंद्र है, और यहाँ के घाटों कि अपनी अलग ही सुंदरता है, जो लोग प्रत्यक्ष रूप से इन घाटों को नही देख पाये हैं उनके लिए यह पुस्तक अप्रतिम है, और बनारस के घाटों पर आधारित डॉ सच्चिदानंद जोशी कि कवितायें पाठकों को उन घाटों को महसूस करने मे सफल होंगी ऐसा मेरा विश्वास है।”
 
डॉ शर्मा ने आगे कहा कि “आज 9 अगस्त देश कि आजादी का एक महत्वपूर्ण दिन है, आज ही के दिन भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 1942 मे गांधी जी ने लीक से हटकर “करेंगे या मरेंगे” का मंत्र स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों को दिया था, इस ऐतिहासिक दिन पर आज हम इस सभागार में गौतम चटेर्जी द्वारा लिखित देश कि स्वतन्त्रता संग्राम के दौरान मीडिया माध्यमों पर आधारित पुस्तक ‘अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्रोडकास्ट’ का विमोचन कर रहे हैं। 1942 में देश आजादी कि लड़ाई लड़ रहा था और आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भुखमरी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार जैसे अन्य कुछ बुराइयों की लड़ाई लड़ रहा है।” डॉ शर्मा ने आगे कहा कि “मैं बधाई देना चाहता हूँ इस केंद्र के अध्यक्ष श्री राम बहादुर राय जी व सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी जी को व उनकी सारी टीम को जो एक नयी ऊर्जा के साथ इस केंद्र मे सतत प्रयासों से भारतीय काला एवं संस्कृति के क्षेत्र मे नित नए आयाम खड़े कर रहे हैं ।”  
 
आई.जी.एन.सी.ए.के सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी ने पुस्तक विमोचन के अवसर कहा कि “संस्कृति को हुमेशा एक खांचे मे रख कर देखने का प्रयास किया गया है, लेकिन पिछले कुछ समय से हम उस खांचे से हटकर भी कुछ नए विषयों पर शोध, उन पर पुस्तकों का प्रकाशन आदि का कार्य कर रहे हैं।  डॉ गुलाब कोठारी द्वारा लिखी पुस्तक ‘ज्वेलेरी’ उसी शृंखला कि पहली पुस्तक है। इस पुस्तक के विमोचन पर हुमे गर्व कि अनुभूति हो रही है, क्योंकि देश के ख्यात पत्रकार डॉ गुलाब कोठारी जी ने इस पुस्तक के प्रकाशन के लिए आई.जी.एन.सी.ए. को चुना, इस पुस्तक के अलावा आज हम दो और पुस्तकों का विमोचन कर रहे हैं जिसमें एक पुस्तक गौतम चटेर्जी द्वारा भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान प्रयोग किए गए मीडिया व संचार माध्यमों पर केन्द्रित है, प्रतापनन्द झा के शोध पर आधारित तीसरी पुस्तक ‘घाट ऑफ बनारस’ बनारस के घाटों पर आधारित है, जिसमें घाटों पर आधारित 10 कविताओं का संग्रह भी है । बनारस के घाट विश्व मे विख्यात हैं, एक प्रोजेक्ट के दौरान हमें अनुभूति हुई कि बनारस के घाटों पर आधारित जानकारी का अभाव है, इस अभाव को दूर करने के लक्ष्य से इस पुस्तक का प्रकाशन किया गया है ।
‘ज्वेलेरी’ पुस्तक के लेखक व वरिष्ठ पत्रकार डॉ गुलाब कोठारी ने कहा कि “किसी भी परंपरा के पीछे केवल आस्था ही नही होती है, उसके पीछे कोई न कोई विज्ञान भी होता है, आज के युवा को यदि आभूषणो के पीछे के विज्ञान को समझना है तो उनके आजके हिसाब से शोध करके सम्झना होगा”