‘‘कक्षाओं में कैमरा लगाने के प्रस्ताव का मकसद स्पष्ट करें’ 
अदालत ने आप सरकार से कहा

नई दिल्ली । दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को आप सरकार से कहा कि वह सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में 1.4 लाख कैमरे लगाने के प्रस्ताव के पीछे के कारणों एवं परिस्थितियों को स्पष्ट करें। कार्यवाहक न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की एक पीठ ने कहा कि इस प्रस्ताव के पीछे सुरक्षा एक बड़ा कारण हो सकता है लेकिन इस कदम से कक्षाओं में बच्चों की गतिविधियां बाधित हो सकती हैं। बच्चों की निजता के अधिकार को देखते हुए अदालत ने इस बात पर आश्र्चय प्रकट किया कि इनमें से कितने कक्षाओं में लगाए जाएंगे। उसने कहा कि कुछ मामलों में शिक्षण की निगरानी और जांच की आवश्यकता हो सकती है। अदालत ने दिल्ली सरकार से सीसीटीवी स्थापित करने के प्रस्ताव के पीछे के कारणों और परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए एक रिपोर्ट दायर करने को कहा। दिल्ली सरकार का पक्ष रख रहे अतिरिक्त स्थायी वकील संजोय घोष से अदालत ने 21 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई में अपना पक्ष रखने को कहा।