छात्राओं को बंधक बनाया, स्कूल के बाहर अभिभावकों का हंगामा

नई दिल्ली। बल्लीमारान स्थित राबिया गर्ल्स स्कूल में केजी की छात्राओं को बंधक बनाए जाने के मामले में बुधवार को अभिभावकों ने स्कूल के बाहर जमकर बवाल काटा और हंगामा करते हुए बच्चों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। स्कूल बंद होने तक स्कूल प्रशासन व अभिभावकों एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे। 
         इस बाबत स्कूल प्रशासन का कहना है कि अभिभावक कई-कई महीने बच्चों की फीस नहीं देते हैं। स्कूल के मुताबिक बच्चों को बंधक नहीं बनाया गया था। बुधवार को इस मामले में की जांच के लिए शिक्षा विभाग की टीम भी स्कूल पहुंची। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी व प्रदेश खाद्य आपूत्तर्ि मंत्री इमरान हुसैन ने भी इस घटना का जायजा लिया और स्कूल प्रबंधन से सवाल पूछे। इस मामले में एक अभिभावक ने कहा कि स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन स्कूल बंद नही होन चाहिए। इस मामले में स्कूल प्रशासन ने कहा कि फीस जमा करने को के लेकर अभिभावकों को कई बार रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन फीस जमा नही कराई गई। इस बाबत अभिभावकों ने कहा कि वह फीस जमा करा चुके हैं, लेकिन उनकी बच्चियों को भी बंधक बना लिया गया।बंधक नहीं बनाए गए बच्चे : स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ नाहीद आर उस्मानी का कहना है कि पूरी घटना को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। जिस बेसमेंट में बच्चों को बंधक बनाने का आरोप लगाया जा रहा है, वह स्कूल का एक्टिविटी रूम है। यहां पंखे लगे हैं और उस दिन वहां शिक्षक भी थे। डॉ उस्मानी का कहना है कि कुछ अभिभावकों ने महीनों से फीस जमा नहीं कराई है, फीस के बिना स्कूल नही चल सकता है। कुछ अभिभावकों ने घटना के दिन शिक्षकों के साथ अभ्रदता की और शोर के चलते बच्चे डर गए थे। खाद्य मंत्री पहुंचे स्कूल : इस मामले में दिल्ली प्रदेश खाद्य मंत्री व बल्लीमारान के विधायक इमरान हुसैन बुधवार को स्कूल पहुंचे। उन्हंने स्कूल प्रिंसिपल से पूछा कि स्कूल ने फीस न जमा न कराने पर सरकारी नियमों का पालन क्यों नहीं किया। श्री हुसैन ने स्कूल प्रशासन को स्पष्ट किया शिक्षा कानून के तहत फीस न दे पाने पर न तो बच्चों क सजा दी जा सकती है और न हीं बच्चों को स्कूल से बाहर निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में स्कूल के प्रबंधन में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षक व अन्य छात्राएं स्कूल के समर्थन में आए : इस मामले में विरोध कर रहे अभिभावकों से इतर स्कूल के समर्थन में शिक्षक और छात्राएं बुधवार को सामने आ गई। स्कूल में जब प्रदर्शन चल रहा था तो ऐसे शिक्षक व छात्राएं स्कूल प्रधानाचार्य के कक्ष में पहुंच गए और नाराज अभिभावकों को प्रदर्शन कर स्कूल की छवि न खराब करने की मांग की।स्कूल प्रशासन ने इन छात्राओं को वहां से जाने के लिए समझाने में जुट गया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग स्कूल की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहें हैं। उन्होने कहा कि स्कूल के शिक्षक काफी अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षकों पर लग रहे आरोप सहीं नहीं हैं।