ईडब्ल्यूएस कोटे के बच्चों की निजी स्कूलों को मिलने वाली राशि बढ़ी

सरकार ने अदायगी राशि पांचवी तक सालाना 26,908 और छठी से आठवीं तक 26,708 रु. की

सरकार ने मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को ईडब्ल्यूएस/डीजी (आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित वर्ग) कोटे के तहत लिए गए दाखिलों के लिए प्रति छात्र दी जाने वाली क्षतिपूर्ति/अदायगी राशि बढ़ाने का फैसला किया है। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के योजना प्रकोष्ठ की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षण व अन्य शुल्क जैसे स्टेशनरी का खर्च या वास्तविक खर्च दोनों में जो भी कम हो, कक्षा पांचवीं तक प्रति छात्र सालाना 26,908 और मासिक 2,242 रपए स्कूल को भुगतान किए जाएंगे, वहीं छठी से आठवीं तक के लिए यह शुल्क सालाना 26,708 व मासिक 2,225 रपए संबंधित निजी स्कूल को भुगतान किए जाएंगे। यूनिफॉर्म रेट बढ़ाकर कक्षा पांचवीं तक के लिए सालाना 1100 और कक्षा छठी से आठवीं तक के लिए सालाना 1400 कर दिया गया है। दिल्ली सरकार के वित्त विभाग की ओर से रिवाइज शुल्क सत्र 2018-19 और 2019-20 के दौरान लागू होंगे। सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूलों को क्षतिपूर्ति या अदायगी प्राप्त करने के लिए अलग से बैंक खाता व्यवस्थित करना होगा और आरक्षित वर्ग के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों को निशुल्क किताबें, कॉपियां, यूनिफार्म का वितरण व पुस्तकालय, इंफॉरमेशन एंड टेक्नोलॉजी, खेल और पाठेत्तर गतिविधियों में सहभागिता तय करनी होगी। उपनिदेशक (पीएलजी) केके सतीजा की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि राशि प्राप्त होने के दो महीने के बाद स्कूलों को जिला उप शिक्षा निदेशकों से प्राप्त धन के सुदुपयोग का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा और राशि प्राप्त करने के पहले बच्चों को निशुल्क किताबें, कॉपियां और यूनिफार्म उपलब्ध कराने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। क्षतिपूर्ति उतने ही समय के लिए की जाएगी जिस समयावधि में बच्चा स्कूल में पढ़ा होगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों को 25 प्रतिशत सीटों पर ईडब्ल्यूएस/डीजी वर्ग के बच्चों को दाखिला देना जरूरी है। सरकार निजी स्कूलों को इसके लिए स्कूलों को क्षतिपूर्ति का भुगतान करती है।