मप्र : एनसीईआरटी की किताब से आपत्तिजनक बातें हटाने के लिये केन्द्र को पत्र 

    भोपाल ।  मध्यप्रदेश में सत्तारूढ भाजपा सरकार एनसीईआरटी की कक्षा 12वीं की राजनीति शास्त्र की किताब में ‘स्वतंत्र भारत में राजनीति’ अध्याय में आपत्तिजनक बातों को हटाकर संशोधित करने के संबंध में केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को पत्र लिखने जा रही है। इस अध्याय में कथित तौर पर भाजपा को हिन्दुत्व एजेंडे वाली पार्टी बताया गया है।
    प्रदेश के स्कूली शिक्षा विभाग के राज्यमंत्री दीपक जोशी ने कहा, ‘‘अभी प्रदेश के सीबीएसई से सम्बद्ध निजी स्कूलों में यह किताब पढाई जा रही है। हम इस किताब के अध्याय में आपत्तिजनक तथ्यों पर संशोधन करने के लिये मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र लिख रहे हैं।’’    प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ दीपक विजयवर्गीय ने इस मामले में कहा, ‘‘केन्द्र में संप्रग सरकार के समय एनसीईआरटी की पुस्तकों में कई आपत्तिजनक बातें शामिल की गयी थीं। जो बातें हमारे संज्ञान में आयीं थी, हमने उस समय भी विरोध किया था और कुछ बातें हटा दी गयी थीं। कुछ और आपत्तिजनक बातें हाल में संज्ञान में आयी हैं जिसके संबंध में संबंधित केन्द्र सरकार के प्राधिकारियों को सूचित किया जा रहा है। हम अपेक्षा करेगें कि ऐसी आपत्तिजनक सामग्री पाठ्यक्रम से हटायी जाये और उसे निष्पक्ष बनाया जाये।’’  वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता पंकज चतुव्रेदी ने कहा, ‘‘किताब में नरेन्द्र मोदी के बारे में जो वास्तविकता है, उसका विद्वानों ने वर्णन किया है और भाजपा को सच को स्वीकार करना चाहिये। उस समय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भी कहा था कि नरेन्द्र मोदी जी :तत्कालीन मुख्यमंत्री गुजरात: राजधर्म का पालन करें। भाजपा सच्चाई छुपाये लेकिन सच सबके सामने आ चुका है, भले पाठ्यक्रम से हटा दें लेकिन लोगों के मन मस्तिष्क से यह नहीं हटने वाला।’’
        गौरतलब है कि राजनीति शास्त्र की इस किताब के ‘स्वतंत्र भारत में राजनीति’ अध्याय में भाजपा और कांग्रेस के संबंध में विस्तार से लिखा गया है। इसमें भाजपा को कथित तौर पर हिन्दू एजेंड वाली पार्टी बताया है। किताब में गोधरा में मुसलमानों के खिलाफंिहसा का उल्लेख है तथा इसंिहसा में 1100 लोगों के मारे जाने का जिक्र है। फिलहाल यह किताब मध्यप्रदेश में केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल :सीबीएसई: से सम्बद्ध निजी स्कूलों में पढाई जा रही है जबकि सरकारी स्कूलों में अगले साल से यह पाठ्यक्रम लागू किया जाना है।