त्रिपुरा की रियांग जनजाति के बच्चों के लिए स्कूल की स्थापना की गई
 
              त्रिपुरा की रियांग जनजाति के वंचित तबके के परिवारों के लिए एक स्कूल की स्थापना की गई है ताकि प्राचीन गुरूकुल दर्शन की तर्ज पर उनकी प्रतिभा को ‘‘मान्यता मिल सके, उसका पोषण और निर्माण हो सके ।
                यह स्कूल स्थापित करने वाले ग्रेट इंडिया टैलेंट फाउंडेशन की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘प्राचीन भारतीय गुरूकुल दर्शन की तर्ज पर राज्य के कंचनपुर उप-संभाग स्थित स्कूल का मकसद बच्चों के नैसर्गिक झुकाव की पहचान करना और उनका पोषण करना है ।  विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘‘अलग-अलग मजबूतियों और जरूरतों के कारण हर व्यक्ति अलग होता है । स्कूल इस अहम पहलू को मान्यता देगा और इसी हिसाब से बच्चों को प्रशिक्षित करेगा ।’इस पहल के लिए त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने भी शुभकामनाएं दी हैं । अभी इस स्कूल में कुल 350 बच्चों को दाखिला दिया गया है ।  विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘स्कूल इस संस्था के पास रहने वाले त्रिपुरा की रियांग जनजाति के बच्चों की शिक्षा का समर्थन करेगा । बच्चों को किताबें, कॉपियां, यूनिफॉर्म और दोपहर का भोजन नि:शुल्क दिया जाएगा।
भाषा