स्कूलों की दयनीय हालत पर आप सरकार की खिंचाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने इन स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं की कमी पर दिल्ली सरकार को दिए कड़े आदेश
करावल नगर स्थित आलोक पुंज सीनियर सेकंडरी स्कूल का निरीक्षण करने का भी निर्देश


दिल्ली उच्च न्यायालय ने यहां के एक पूर्ण सहायता प्राप्त स्कूल में पानी और शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाएं न होने पर दिल्ली सरकार की खिंचाई की। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने 100 प्रतिशत सहायता प्राप्त स्कूल में स्थिति को ‘‘दयनीय’ करार देते हुए आदेश दिया कि संबंधित स्कूल में पानी और शौचालय की तत्काल व्यवस्था की जाए। अदालत ने दिल्ली के शिक्षा उपनिदेशक को करावल नगर स्थित आलोक पुंज सीनियर सेकंडरी स्कूल का निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया और कहा कि वह वहां अन्य अवसंरचनात्मक खामियों को भी देखें। स्कूल पूर्व में एक सोसाइटी द्वारा संचालित था , लेकिन बाद में इसे दिल्ली सरकार ने अपने नियंतण्रमें ले लिया। पीठ ने शिक्षा विभाग के अधिकारी को आदेश दिया कि वह स्कूल का निरीक्षण करने के बाद 10 दिन के भीतर स्थिति रिपोर्ट सौंपें। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख निर्धारित की। अदालत ने यह निर्देश अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के जरिए दायर गैर सरकारी संगठन सोशल ज्यूरिस्ट की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में आग्रह किया गया था कि स्कूल संकाय और इसके 2,600 से अधिक छात्रों को पर्याप्त अवसंरचना और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएं। गैर सरकारी संगठन ने यह भी दावा किया था कि स्कूली बच्चों के लिए खेल मैदान के रूप में चिह्नित जमीन का इस्तेमाल कूड़ा-कचरा फेंकने के लिए किया जा रहा है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि स्कूल में शिक्षकों के 72 पद रिक्त हैं।