एसओएल की दाखिला प्रक्रिया को लगा झटका 

 

  • डिस्टेंट एजुकेशन बोर्ड से दूरस्थ पाठयक्रम चलाने को नहीं मिली स्वीकृति
  • बीते सत्र में जून में शुरू हो गई थी दाखिला प्रक्रिया,
  •  मई से लटका है अप्रूवल
  • पूरी तैयारी होने पर भी एसओएल शुरू नहीं कर सकता दाखिला प्रक्रिया
  • स्वीकृति की बाट जोह रहे एसओएल और छात्र

नई दिल्ली। दिल्ली विविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2018-19 के तहत चल रही दाखिला प्रक्रिया के बीच स्कूल ऑफ ओपन लर्निग (एसओएल) में दाखिला प्रक्रिया को इस बार बड़ा झटका लगा है। एसओएल की दाखिला प्रक्रिया शुरू होने में इस बार एक महीने की देरी हो गई है। जबकि नियमित कॉलेजों में तीसरी कटऑफ लिस्ट के तहत दाखिले चल रहे हैं। दरअसल एसओएल ने डिस्टेंट एजुकेशन बोर्ड में दूरस्थ पाठयक्रमों को चलाने के लिए स्वीकृति मांगी थी, जो अभी तक नहीं मिली है। लिहाजा स्वीकृति नहीं मिलने पर पूरी दाखिला प्रक्रिया लटक गई है। एसओएल को उम्मीद है कि जुलाई में स्वीकृति मिल जाएगी। बता दें कि बीते सत्र 2017-18 में एसओएल की दाखिला प्रक्रिया जून के पहले हफ्ते में शुरू हो गई थी। इस बार की दाखिले प्रक्रिया शुरू करने से पहले एसओएल में बोर्ड में स्वीकृति के लिए अपनी तरफ से मई में ही आवेदन कर दिया था, लेकिन अभी तक बोर्ड से स्वीकृति नहीं मिली है। हालांकि एसओएल की तरफ से ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया पूरी करने के लिए पूरी तैयारी पहले ही हो चुकी है। बताया जाता है कि इस हफ्ते यूजीसी में एक बैठक होने जा रही है, जिसमें एसओएल प्रशासन स्वीकृति मिलने की आशा लगाए है। एसओएल प्रशासन के अनुसार यदि इस हफ्ते बोर्ड से स्वीकृति मिल जाती है तो अगले हफ्ते से दाखिला प्रक्रिया आरंभ हो सकती है। बता दें कि जिन छात्रों को हाई कटऑफ के चलते नियमित कॉलेजों में दाखिला नहीं मिल पाता है, वे विद्यार्थी एसओएल में कम अंक फीस में दाखिला पा जाता है। बताया जाता है कि दाखिला प्रक्रिया देर से चालू होने के चलते इसकी परीक्षाएं और फिर नतीजे आने में भी देरी होने की स्थिति रहेगी। बता दें कि एसओएल में 31 अगस्त बिना लेट फीस तक दाखिला लिया जाता है। इसके बाद सितम्बर के दूसरे हफ्ते तक विलंब शुल्क के साथ दाखिले होते हैं।