अंग्रेजी शिक्षा पद्धति अपनाना देश का दुर्भाग्य : सत्यपाल

नई दिल्ली । केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह ने रविवार को कहा कि यह देश का दुर्भाग्य रहा है कि हमने अंग्रेजी शिक्षा पद्धति को ही अपना लिया और भारतीय ज्ञान परम्परा की उपेक्षा की। इस देश ने अतीत में चार प्रमुख गलतियां की हैं, जिससे देश का बड़ा नुकसान हुआ है। श्री सिंह ने ये विचार यहां नेहरू मेमोरियल में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह की पुस्तक पॉलिटिक्स फोर न्यू इंडिया: ए नेशनलिस्टिक प्रस्पेक्टिव का लोकार्पण करते हुए व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए नेहरू मेमोरियल के निदेशक शक्ति सिन्हा ने भारतीय राष्ट्रवाद को पश्चिम के नेशनलिज्म से अलग बताया। उन्होंने कहा कि भारत के प्राचीन आलोचनात्मक विवेक को आगे विकसित करने की जरूरत है। पुस्तक के संपादक प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि राजनीत विज्ञान के क्षेत्र में यह पुस्तक पश्चिम के उस चिंतन को चुनौती देने का काम करेगी,जो अभी तक खास एजेंडे, आग्रहों और अनुमानों के आधार पर इस इस देश को देखने की कोशिश करती रही है। इस तरह के कार्य की बहुत जरूरत है। हमने धर्म, मजहब के नाम पर देश का बंटवारा किया, भाषा के नाम पर राज्यों व जाति के आधार पर समाज को बांटा और इन सबसे महत्वपूर्ण अंग्रेजों की दी हुई शिक्षा व्यवस्था और सोच को आजादी के बाद भी चलने दिया।