गूगल बना रही है भारत के स्कूलों के लिए एजुकेशनल टूल्स


दुनिया की जानीमानी सॉफ्टवेयर कंपनी गूगल के लिए भारत देश सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।गूगल भारत का स्कूल एजुकेशन सिस्टम समझना चाहती है और उसे सुधारने के लिए टूल्स बना रही है ।गूगल एक सर्च टूल बना रही है जो गूगल एजुकेशन के नाम से जाना जायेगा। इसी सिलसिले में गूगल के इंजीनीरों का एक प्रतिनिधि मंडल कैलिफोर्निया से दिल्ली आया था। इस प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली के स्कूलों का विजिट किया. 

 

 15 सदस्यो की टीम दिल्ली के 3 स्कूलां में गयी। स्कूलों के प्रिंसिपल्स टीचर्स और बच्चो से बातचीत करके जानकारी इकट्ठी की। इस टीम का नेतृत्व अभिनव माथुर और प्रोफेसर मोना माथुर कर रहे थे जो मिलियन स्पार्क्स फाउंडेशन के संस्थापक है। प्रोफेसर मोना माथुर आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर है और भारत के एजुकेशन सेक्टर के लिए डिजिटल टूल्स डेवेलप कर रही है। यह प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के नामी स्कूल एल्कॉन इंटरनेशनल स्कूल, एस आर कैपिटल पब्लिकस्कूल व विद्या विहार विद्यालय में गया। प्रिंसिपल टीचर्स व बच्चो से संवाद किया। गूगल की टीम ये जानना चाहती थी की बच्चो के शिक्षण की जरुरत क्या है और स्कूल किस तरह सेअपने बच्चो को शिक्षा पंहुचा रहे है। गूगलटीम ने स्कूलों में हो रहे शिक्षण कार्य की सराहना की। शिक्षक और बच्चे कंप्यूटर व स्मार्ट फोन को शिक्षा के लिए कितना प्रयोग कर पा रहे है व बच्चो के लिए हम इन्टरनेट को किस तरह से सुरिक्षत बना सकते है ।बच्चे गूगल टीम के साथ संवाद में बहुत उत्साहित रहे। गूगलटीम ने क्लास रूम में कैसे पढ़ाई होती है यह देखाऔर स्कूल की कंप्यूटर लैब व काम करने का तरीकाजाना। एस आर कैपिटल पब्लिक स्कूल के मेनेजर  लक्ष्य छाबड़िया ने गूगल टीम को बच्चो की शिक्षण के लिए इन्टरनेट से जुडी समस्याए बताई और कैसे गूगल एक बेहतर प्रोडक्ट बना सकती है यह जानकारीदी।