भारतीय  परंपरा पर आधारित छह नए कोर्स शुरू करेगा एनआईओएस

 

  • भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित होंगे कोर्स
  • माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर लागू होंगे यह पाठ्यक्रम

अरुण कुमार पाण्डेय
नई दिल्ली। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ‘‘भारतीय ज्ञान परम्परा’ के छह नए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। पाठ्यक्रमों को संस्थान के अकादमिक परिषद की मंजूरी मिल गई है। इन कोसरे के अगले अकादमिक सत्र से लागू हो जाने की उम्मीद है। जिसके बाद माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित छह नए विषय आयुव्रेद, योग, वेदपाठ, व्यावहारिक संस्कृत व्याकरण, न्याय शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र उपलब्ध होंगे। इससे पहले एनआईओएस ने माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर वैदिक अध्ययन, भाषा विज्ञान, दर्शन शास्त्र, संस्कृत और उच्च संस्कृत विषयों की शुरूआत की थी, जिनके लिए अक्टूबर में परीक्षा होनी हैं। संस्थान के अध्यक्ष प्रो. चंद्रभूषण शर्मा ने बताया कि इन नए पाठ्यक्रमों के शुरू हो जाने के बाद विद्यार्थी माध्यमिक या उच्चतर माध्यमिक स्तर पर इनमें से किन्हीं पांच विषयों को लेकर अध्ययन कर सकते हैं और परीक्षा पास कर औपचारिक प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे। प्रो. शर्मा ने बताया कि देश में अभी छह हजार के करीब गुरुकुल और वैदिक पाठशालाएं संचालित होती हैं जिनमें हजारों विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं, लेकिन गुरुकुलों और वैदिक पाठशालाओं में शिक्षा पूरी करने के बाद विद्यार्थियों को कोई औपचारिक प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है। इसलिए उनमें से अधिकांश स्कूली शिक्षा के औपचारिक प्रमाण पत्र के लिए एनआईओएस का रुख करते हैं। अब तक स्कूली शिक्षा के औपचारिक प्रमाण पत्र के लिए उन्हें उन विषयों की परीक्षा पास करनी पड़ती थी, जिनका गुरुकुल में पढ़ाये जाने वाले पारम्परिक विषयों से कोई संबंध नहीं होता था। प्रो. शर्मा ने कहा कि संस्थान की ओर से इन पाठ्यक्रमों को मंजूरी देने के बाद उन हजारों गुरुकुल विद्यार्थियों की समस्या का समाधान हो सकेगा और वैदिक बोर्ड की कमी भी पूरी की जा सकेगी। 
साभार राष्ट्रीय सहारा